सुंदर रूप का स्वरूप # जिंदगी की किताब (पन्ना # 348)

भौतिकतावादी संसार मे हम सभी बाह्य रूप से दिखने वाली सुंदरता को ही असली सुंदरता मान बैठते है । पर यह सुंदरता आध्यात्मिक दृष्टि की सुंदरता के सामने फीकी पड़ जाती है उसी सन्दर्भ मे बोला गया है कि किसी भी इंसान की सुंदरता का स्वरूप उसकी बाहरी चमक दमक देखकर ना समझो । बल्कि…

सुंदरता क्या है ,कुछ पंक्तियाँ – जिंदगी की किताब (पन्ना # 302)

सुधाकर वो नही जो दिवाकर की रोशनी से चमकता है  बल्कि वो ऐसा तारक है जिससे रोशनी का दरिया निकलता है  फूल महज़ एक फूल नही जो मंदिर मे चढ़ता है  बल्कि वो ऐसी ख़ुशबू है जिससे पूरा जगत महकता है  साथी सिर्फ सहारा नही जिसे पाकर दिल संभलता है  बल्कि वो परछाई है जो…