बडे बुज़ुर्ग की जुबानी गुजरे जमाने की कहानी # जिंदगी की किताब (पन्ना # 363)

बडे बुज़ुर्ग की जुबानी गुजरे जमाने की कहानी आज भी रूह को छू जाती है 🔘Black n white जमाने मे शर्म से ही चेहरा गुलाबी हो जाता था Parlour गये बिना ही चेहरा चमकाहट से भर जाता था जाने क्यो अब parlour जाकर भी वैसा चेहरा चमकाना मुश्किल हो जाता है 🔘Black n white जमाने…

चिट्ठियाँ – जिंदगी की किताब (पन्ना # 291)

वो भी क्या दिन थे जब हम चिट्ठियों के जरिये  अपनी भावनाओं को स्याही मे डुबोकर व्यक्त किया करते थे । हर शब्दो मे अपनेपन की महक आती थी ,  हालचाल जानने के लिये चिट्ठियाँ का इंतजार रहता था ।  पर आजकल के कॉम्पिटिशन वाले वैज्ञानिक युग मे  व्यस्त जिंदगी होने के साथ मोबाइल ,इंटरनेट…

कोई लौटा दे बचपन के वो दिन –  जिंदगी की किताब – ( पन्ना # 2 ) 

कोई लौटा दे बचपन के वो दिन …… एक दिन दूसरे शहर मे बाजार घूमते घूमते,बरसो बाद अपने पुराने दोस्तों से अचानक मुलाक़ात हो गई और हम सब मिलकर एक रेस्टोरेंट गये । ।बाते करते करते बीते बचपन को याद करने लगे । हम सब बचपन के अहसास भरे क्षण मे इतने खो गये कि…