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हम बाहरी दुनिया से कभी भी शान्ति नही पा सकते है जब तक हम अंदर से शांत ना हो मन मे विश्वास रखकर कोई हार नही सकता और मन मे कोई शंका रखकर जीत नही सकता दूसरो के बारे मे उतना ही बोलो जितना अपने बारे मे सुन सको । लगन छोटा सा शब्द है…

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किसी भी बात का इतना ज्य़ादा एनालिस़िस न करें कि दिमाग़ को पेरालिस़िस हो जाये भगवान ने जिंदगी जीने के लिए दी है ,पोस्टमार्टम करने के लिए नही यकीन कीजिये भगवान के फैसले हमारी ख्वाहिशो से बेहतर है आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏

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दिल को खुश रखो,चेहरे पर लाली होगी सत्य की राह चलो,जीवन में खुशहाली होगी चार से कभी भी शर्म मत करो गरीब दोस्तो से बूढ़े मॉ बाप से पुराने कपड़ों से सादे रहन सहन से आपकी आभारी विमला विल्सन मेहता जय सच्चिदानंद 🙏🙏

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शिक्षा,संगत,संस्कार और माता पिता का सम्मान बहुत जरूरी है दुनिया में व्यक्तिगत पहचान आपकी आभारी विमला विल्सन मेहता जय सच्चिदानंद 🙏🙏

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आज इन सभी व्यक्ति की समाज को अत्यन्त आवश्यकता है … आवश्यकता है …. ऐसे इलेक्ट्रिशियन की जो ऐसे दो व्यक्तियों के बीच कनेक्शन कर सके जिनकी आपस में बातचीत बन्द है ऐसे ऑप्टिशियन की जो लोगों की नजर के साथ नजरिया में भी सुधार कर सके। ऐसे चित्रकार की जो हर व्यक्ति के चेहरे…

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इस दुनिया के एकमात्र ज्योतिष मन को समझने वाली माँ और भविष्य पहचानने वाला पिता से ज्यादा कौन अच्छा हो सकता है … आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏

Quote # 249

भले ही सभी को सुख देने की क्षमता हमारे हाथ मे न हो किन्तु किसी को दुख न पहुँचे वह तो हमारे हाथ मे है आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏

Quote# 241

ख़ुशनसीब है वो लोग जिनके दर्द मे उनके हमदर्द साथ होते है आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद

एक ऐसा डाईवॉर्स जिसके होने के बाद दिमाग ने नही दिल ने गवाही दी # जिंदगी की किताब (पन्ना # 365)

आज कुछ काम से court मे जाना हुआ , वक़ील साहब के आने मे टाईम था । पास मे बैठे एक व्यक्ति ने बात करते समय बताया कि वह अपनी तलाक की पहली पेशी के लिये यहॉ आया है । तलाक का कारण सुनकर मैने कहा कि आप जैसा ही क़िस्सा मेरे अज़ीज़ दोस्त के…

बुढ़ापे मे हाथ पाव जवाब देने लगे # जिंदगी की किताब (पन्ना # 360)

👌👌👌🙏🙏🙏👍👍👍 👌👌जब बुढ़ापे मे हाथ पाव जवाब देने लगते है उस समय बहू घर की कैसे भी साज संभाल करे वो महत्वपूर्ण नही रह जाता बल्कि बेटी की तरह उनकी सेवा करे , ध्यान रखे वो महत्वपूर्ण हो जाता है । फिर क्यो ना हम शुरू से ही बहू को बहू ना मानकर एक बेटी…

रिश्तो की मधुरता # जिंदगी की किताब (पन्ना # 356)

शिल्पी और उसकी सास में किसी बात पर जोरदार बहसबाजी हो गई व बढते बढ़ते झगड़े का रूप ले लिया । गुस्से मे बात इतनी बढ़ गई कि दोनों ने एक साथ न रहने की कसम खा ली ।शिल्पी ने अपने कमरे में जा कर गुस्से से एकदम दरवाजा बंद कर लिया ,वही दूसरी और…

बेलून वाला # जिंदगी की किताब (पन्ना # 353)

बेलून वाला …. आज रविवार का दिन था । मीनू अपने बच्चों को लेकर पास के मेले गई । वहॉ पर काफी रौनक़ ही रौनक़ थी । तरह तरह की दुकानें आकर्षक सामान से सजी थी । बच्चे झूले का आनंद ले रहे थे । वही एक कोने में एक छोटा सा बच्चा जिसका नाम…