मृत्युभोज के नाम एक संदेश # जिंदगी की किताब (पन्ना # 364)

🔸जिस घर मे पुत्र शोक पर क्रंदन कर रहे मॉ पिता वहॉ भोजन का निवाला तुम्हे कैसे भाता होगा ? 🔸जिस घर मे सूनी मॉग लिये रोती बिलखती विधवा युवती वहॉ बडे चाव से पंगत खाते हुये तुम्हे ज़रा भी पीड़ा नही होती ? 🔸जिस घर मे रक्षा सूत्र लिये बहना अपने भाई की याद…