मन का आईना # जिंदगी की किताब (पन्ना # 362)

मन का आईना ….. एक नगर में राजा था जिसके पास अपार सम्पति,सोना चॉदी और हीरे जवाहरात थे । दिल का बहुत अच्छा था ।हमेशा लोगो की भलाई के लिये सोचता रहता था ।कोई भी उसके द्वार से खाली हाथ नही लोटता था ।साथ में वह नयी नयी चीजो को बनवाने का शौकीन था ।लेकिन…