बेटी # Quote #

किसी की बेटी हमारी बहू है और हमारी बेटी किसी की बहू हमारी बेटी के पास वही लौटकर जाने वाला है जो व्यवहार हम अपनी बहू से करेंगे ये कैसी रीत बनाई है , बाबुल का ऑगन छोड़ते वक्त क्यूँ मेरी ऑंखें भर आई है हमने तो बस दुनिया की एक रस्म निभाई है किसी…

रिश्ते # जिंदगी की किताब (पन्ना # 382)

रिश्तो मे सिक्के का एक पहलू ऐसा भी ….. सौम्या की शादी के कुछ साल पहले उसकी मॉ की मृत्यु किसी लंबी बीमारी से हो गई थी । मायके मे बापू व भाई भाभी की छोटी सी दुनिया थी ।उसके घर की अच्छी reputation होने की वजह से उसकी शादी अच्छे खाते पीते घर के…

सास बहू # Quote

अधिकतर सास बहू के वैचारिक संतुलन नही बन पाने के कारण ही घर टूटा करते है यदि घर मे दोनो संतुलित तरीके से रह ले तो घर अपने आप स्वर्ग बन जायेगा लड़के लड़की की कुंडली क्या मिलाना , मिलाना है तो सास बहू की मिलाओ क्योकि दोनो की पटरी ठीक बैठ गई तो सारे…

परंपराये # जिंदगी की किताब (पन्ना # 377)

परम्परायें …. एक अंधे दम्पत्ति थे ,जो मिलकर सब कार्य आसानी से कर लेते थे । लेकिन सबसे बडी परेशानी तब होती थी ,जब अंधी पत्नी खाना बनाती और कुत्ता आकर रोटी खा जाता । इस वजह से रोटियां या तो कम पड़ जाती या खाने को नही मिलती । तब अंधे पति को एक…

असली खूबसूरती # जिंदगी की किताब (पन्ना # 376)

असली खूबसूरती …. आरती ने अपने बेटे रौनक की सगाई बुझे मन से काजल के साथ तय कर दी । एक सप्ताह बाद सगाई की रस्म रखी गई जिसमे काफी रिश्तेदारों को बुलाया गया । होने वाली वधू काजल व रौनक ने एक साथ पार्टी हॉल मे प्रवेश किया । दोनो और के सारे रिश्तेदारों…

बेटी # बेटा # Quote

बेटी मेरा अभिमान है ,बहू मेरा बहुमान है बेटी रौनक व अंश है ,बहू इज़्ज़त और कुल वंश है बेटी ऑंखो का तारा है ,बहू का मुख है चॉद मेरा बेटी मेरा सौभाग्य है ,बहू अहोभाग्य है बेटी घर की रानी है ,बहू के सर लक्ष्मी ताज है एक आज है ,एक कल है मेरा…

दर्द का अहसास # जिंदगी की किताब (पन्ना # 366)

दर्द का अहसास….. आज गुड़िया शादी के बाद पहली बार ससुराल से मायके मे कुछ दिनों के लिये आ रही थी ,पूरे घर मे चहल पहल थी ।इकलौता भाई बाहर से उसकी मनपसंद की वस्तुये ला रहा था ,तो भाभी उसके पसंद की खाने की चीज़ें बना रही थी । ट्रेन आने के समय से…

रिश्तो की मधुरता # जिंदगी की किताब (पन्ना # 356)

शिल्पी और उसकी सास में किसी बात पर जोरदार बहसबाजी हो गई व बढते बढ़ते झगड़े का रूप ले लिया । गुस्से मे बात इतनी बढ़ गई कि दोनों ने एक साथ न रहने की कसम खा ली ।शिल्पी ने अपने कमरे में जा कर गुस्से से एकदम दरवाजा बंद कर लिया ,वही दूसरी और…

घर घर की कहानी ,सास बहू की जुबानी# जिंदगी की किताब (पन्ना # 352)

घर की कहानी ,सास बहू की जुबानी ….. picture taken from google शादी को कुछ ही समय हुआ । आज काम के लिये महरी नही आई इसलिये शीलू बरतन धोने लगी । धोते धोते उसके हाथ से कॉच का कप नीचे गिरकर टूट गया । कप टूटते ही वह डरने लगी कि उसकी सास अब…

रिश्ते और परिवार # Quote

आज हमारा परिवार बहुत खुशहाल है क्योंकि हमने अपनी सोच को बदली है एक पराई बेटी ने हमे अपनाने के लिये अपना घर छोड़ा है , हमने नही इसलिये उसे अपने घर की अपेक्षाओ के अनुरूप समझाने से पहले उसकी भावनाओं को समझने की कोशिश की जितना प्यार , अपनापन, विश्वास ,उचित स्वतंत्रता अपने लिये…