प्रेरक कहानी # जिंदगी की किताब (पन्ना # 370)

साँझ ढले एक आदमी ने अंधकार मिटाने के लिये अपने घर मे छ: मॉमबतियॉ जलाई व बाहर चला गया । पहली मोमबत्ती जो जज़्बात की प्रतीक थी उसने कहा कि मेरी यहॉ कोई कीमत नही है जलकर क्या करूँ और वह बुझ गई । उसे देखकर दूसरी मोमबती जो शांति का प्रतीक थी उसने कहा…