पति पत्नी की तकरार को कहो “लड़ाई या प्यार” # जिंदगी की किताब (पन्ना # 375)

पति पत्नी की तकरार को कहो “लड़ाई या प्यार” लड़ाई के लिये बात नहीं बतंगड चाहिये बिना वजह का बवंडर चाहिये मेरे घरवालों को ऐसा क्यों कहा ? मेरी इच्छाओ को पैसों से क्यों तौला ? सबके सामने वैसा क्यों बोला ? मॉ के जैसा क्यों बोला ? बेकार मे क्यों तनी रहती हो ?…

प्यार के रूप – जिंदगी की किताब (पन्ना # 292)

प्यार शब्द से ही होता न्यारा,सभी को लगता प्यारा  कुछ शब्द प्यार के विषय मे …. प्यार फूलो जैसा है जो मन को खिलखिलाये प्यार ख़ुशबू जैसा है जो जीवन को महकाये प्यार जुगनु जैसा है जो दिलो को टिमटिमाये  प्यार सूरज जैसा है जो जीवन को रोशनाये प्यार चॉद जैसा है जो मन की…

प्यार – जिंदगी की किताब (पन्ना # 266)

Good day to all divine souls … रिश्ता चाहे जो भी हो पर  हर संबंधों मे निस्वार्थता का प्यार जरूरी है । जो बिन बोले भावनाओं को समझे वह सच्चा प्यार है । जो भावनाओं को समझ कर भी नासमझे वह कच्चा प्यार है । जो भावनाओं को बिल्कुल भी ना समझे वो दिखावे का…