जहॉ चाह वहॉ राह # जिंदगी की किताब (पन्ना # 348)

जहॉ चाह , वहॉ राह सोलह साल का दीनू बहुत नटखट बच्चा था । स्कूल से आने के बाद कुछ ऐसी दिनचर्या थी कि खाना खाते समय टीवी देखना , फ़ोन पर दोस्तों से बात करना , थोड़ी देर सोकर शाम को दोस्तों के साथ खेलना व जैसे तैसे होमवर्क पूरा करना ताकि टीचर से…