संस्कार # जिंदगी की किताब (पन्ना # 319)

आज की भोगवादी संस्कृति ने उपभोगवाद को जिस तरह से बढ़ावा दिया है ,उससे बाहरी चमक दमक से ही इंसान को पहचाना जाता है जिसका परिणाम अच्छा नही है । वास्तव मे इंसान की पहचान संस्कारों से बनती है जो हमारे जीवन की शक्ति है । संस्कार उसके पूरे जीवन को दर्शाते है । उच्च…

इंसान कुल से नही चरित्र से महान होता है # जिंदगी की किताब (पन्ना # 313)

इंसान कुल से नही चरित्र से महान होता है । एक बार रोम के महान दार्शनिक सिसेरी को एक उच्च कुल का घमंडी व्यक्ति मिला व बोला कि तुम तो नीच कुल के हो । हम दोनो की क्या बराबरी ? दार्शनिक ने बड़ी विनम्रतापूर्वक जवाब दिया -“ मेरे कुल की कुलीनता का आरम्भ मुझसे…