सुख- दुख — जिंदगी की किताब (पन्ना # 316)

सुख दुख सिक्के के दो पहलू है  बारी बारी से आते है और चले जाते है !! दिन डूब गया और अंधेरा छा गया  उषा मुस्कराई और उजाला आ गया किसी वक्त दिन तो किसी वक्त रात है  वैसे ही सुख दुख दोनो संग साथ है !!  पतझड़ ऋतु आई , शुष्क रहकर पेड ने…

धरती(दिल को छूने वाली बात) – जिंदगी की किताब (पन्ना # 306)

“इंसान “ ने पूछा पृथ्वी से “हे पृथ्वी “ तु इतनी क्यूँ कंजूस है ? हम इंसानो से कड़ी मेहनत करवाकर  एडी चोटी का जोर लगवाकर खून पसीना बहाने के बाद ही हम सब को अन्न का सौग़ात देती है  यदि खून पसीना बहाये बिना ही  तु हमे अन्न दे दिया करे  तो तेरा क्या नुकसान…

नाम – जिंदगी की किताब (पन्ना # 298)

मैने रद्दी काग़ज़ों के रूप मे  सड़कों पर उड़ते अनेक नाम देखे है  जो मरने से पहले  नाम की चाह मे  जीवन भर मरते रहे  जिनमें ठेले वाले चना मूँगफली भरते रहे है । आपकी आभारी विमला मेहता  जय सच्चिदानंद 🙏🙏

नासमझी का दुख -जिंदगी की किताब (पन्ना # 278)

सोचो तो जगत मे चहुँ और दुख ही दुख कँपायेगा  पर समझो तो इस दुनिया मे दुख जैसा कुछ भी नही समझ आयेगा  सारे दुख तो नासमझी के है !! चाहे जलचर हो या नभचर,या चाहे हो थलचर सबकी है अपनी कहानी !! कितने असंख्यात बेबस ,लाचार मूक और निरीह प्राणी भरे पड़े है इस…

 ढूँढती हूँ मै -जिंदगी की किताब (पन्ना # 255)

निराशा की परछाइयों  मे  आशा की किरण ढूँढती हूँ !!  डूबे हुए किनारों पर मैं  रेत का निशान ढूँढती हूँ !! हर एक संबंधो मे प्यार का अहसास ढूँढती हूँ !! किसी गुज़रे हुये मुसाफ़िर के पैरों के निशान ढूँढती हूँ !! बहते इक तूफ़ान के बाद  ठहराव की मंजिल ढूँढती हूँ !! खोये हुये…

छोटी सी जिन्दगी – जिंदगी की किताब (पन्ना # 247)

Good day to all divine souls … छोटी सी जिन्दगी —  बिना रूके हर पल मनवा  जिदंगी मे बढता चल  बिना किसी स्वार्थ से  सबसे प्रेम करता चल दिल ना दुख पाये किसी का  इतना सा विचार करता चल जिदंगी खुशियॉ ,गम से भरी बिना शिकायत चलता चल    कल का जब मालूम नही  खुशी…

दोस्ती – जिंदगी की किताब (पन्ना #230)

फूलो से कर लोगे दोस्ती                तो महकते चले जाओगे मदिरा से कर लोगे दोस्ती                तो बहकते चले जाओगे सूरज से कर लोगे दोस्ती               तो उष्णता पाते जाओगे चाँद से कर लोगे दोस्ती    …

हर पल -हर पल

हर पल – हर पल ——————- मन का पंछी शांत न बैठे उड़ता जाये हर पल हर पल !! बढता जाये उम्र का सूरज ढलता जाये हर पल हर पल !! खुशनसीब है वो दर्पण रूप चुराये हर पल हर पल !! पति पत्नी का प्रेम सफर बढता जाये हर पल हर पल !! आसमां से…

जिंदगी से प्यार- जिंदगी की किताब (पन्ना # 3)

जिंदगी से प्यार ….. दोस्तों जिंदगी एक रंगीन किताब की तरह हैं ,उसे दिल से पढ़ो जिंदगी एक अभिलाषा भी हैं ,खुशी से संवर जाये तो जन्नत हैं जिंदगी एक सुहावना सफर हैं ,हम हर समय क्यूँ डरे कि जिंदगी मे आगे क्या होगा या बुरा ही होगा  इस दुनिया में हम कर्मो के हिसाब…