कविता # बडी खुशी #

 छोटी खुशियॉ की आये दिन दरवाज़े पर दस्तक होती कल रात दरवाज़े पर बड़ी खुशियॉ की दस्तक पड़ी  सामने खडी थी जिन्दगी की खुशियॉ बड़ी  मैने बडी खुशियॉ से कहा कि  छोटी छोटी खुशियॉ से बन गई मेरी खुशियॉ बडी  तू वहॉ जा जहॉ जिनको तेरी मुझसे से भी ज्यादा जरूरत है । गरीब ,लाचार ,…

मानवता # जिंदगी की किताब (पन्ना #361)

बदलते वक्त मे बदल गई इंसान की सोच मानवीय भावनाओ मे आ गई खोट । यूँ तो कहलाते है हम आर्यों की संतान पर ढूँढने से भी ना मिले इंसान की हैवानियत का भंडार । हम इंसानो की भूखी हवस से जानवर तो क्या इंसान भी कहॉ बच पाते है । कैसे इंसान है जो…

नारी # जिंदगी की किताब (पन्ना # 358)

देख नारी की हालत ,छलनी हो जाता है सीना , पैसा ,पद के दम पर,नारी की आबरू को छीना पैसो के जो लालची , सौदेबाज़ी करते ना थकते जैसे लडकी तो गुडिया है , खाने की पुडिया है बनते फिरते दु:शासन ,आज चीर सब हरते मॉ का मान भूल गये , अय्याशी मे डूब गये…

प्रेरणा # जिंदगी की किताब (पन्ना # 390)

दूसरों की निंदा मे लगकर समय क्यों गँवाते हो ? अपनो के अवगुणो को हर पल क्यों दोहराते हो ? सेवा और त्याग की भाषा तुम फिर क्यों भूल जाते हो ? असीम सुखों की चाहत मे क्यों स्वार्थी बन जाते हो ? मीठे बोल से ही यहॉ अपनत्व क्यों ना बढ़ाते हो ? अपनो…

मुस्कराहट # जिंदगी की किताब (पन्ना # 384)

जिन्दगी मे हर क्षण मुस्कराये , हँसे और औरों को भी हँसाये !! चेहरा देना तो कुदरत का काम है , पर सुंदर भाव देना हमारे हाथ है !! मुस्कराहट लाने से , कैसा भी चेहरा बन जायेगा सुंदर और आभामंडल बन जायेगा अतिसुन्दर !! सागर मंथन मे भी पहले निकला विष , बाद मे…

स्त्री # जिंदगी की किताब (पन्ना # 380)

स्त्री प्रमुदित पल्लवित पहेली हैं, हर संकट के लिए सहारे की हथेली हैं। स्त्री इतिहास की नदी है जो बहती सदी दर सदी हैं, स्री पारखी हैं, जानती क्या नेकी क्या बदी हैं स्त्री धरती हैं जिसने झेला हर झमेला है पंच तत्वों के मिलन का अदभुत मेला हैं । आपकी आभारी विमला विल्सन जय…

पति पत्नी की तकरार को कहो “लड़ाई या प्यार” # जिंदगी की किताब (पन्ना # 375)

पति पत्नी की तकरार को कहो “लड़ाई या प्यार” लड़ाई के लिये बात नहीं बतंगड चाहिये बिना वजह का बवंडर चाहिये मेरे घरवालों को ऐसा क्यों कहा ? मेरी इच्छाओ को पैसों से क्यों तौला ? सबके सामने वैसा क्यों बोला ? मॉ के जैसा क्यों बोला ? बेकार मे क्यों तनी रहती हो ?…

विधवा विवाह # जिंदगी की किताब (पन्ना # 369)

picture taken from google शादी के बाद जब कम उम्र मे ही पति या पत्नी किसी एक का देहांत हो जाता है तो पूरी ज़िंदगी अकेले काटना बहुत मुश्किल हो जाता है । चाहे पूरा परिवार साथ हो लेकिन जीवन साथी की कमी को चाहकर भी कोई पूरा नहीं कर सकता । छोटे छोटे बच्चों…

नारी # जिंदगी की किताब (पन्ना # 346)

देख नारी की हालत ,छलनी हो जाता है सीना , पैसा ,पद के दम पर,नारी की आबरू को छीना पैसो के जो लालची , सौदेबाज़ी करते ना थकते जैसे लडकी तो गुडिया है , खाने की पुडिया है बनते फिरते दु:शासन ,आज चीर सब हरते मॉ का मान भूल गये , अय्याशी मे डूब गये…

बाल दिवस की शुभकामनायें # जिंदगी की किताब (पन्ना # 333)

बच्चे परिवार की आत्मा है तो समाज की रीढ़ की हड्डी है । बच्चो की सहजता,निश्छलता,सरलता दूसरो के काम आने की सहभागिता होती है। जज्बा,जिज्ञासा,समर्पण,सदभाव बच्चो जैसी कही नही होती है । बच्चा होना कल्याणकारी है और मासूमियत होना सुकुन की बात है । बच्चे तो देश के भाग्य विधाता है। मंदिरों मे भी भगवान…

खुशी # जिंदगी की किताब (पन्ना # 329)

  हर रोज आती छोटी खुशियॉ की घड़ी  कल रात दरवाज़े पर दस्तक पड़ी  सामने खडी थी खुशियॉ बड़ी । मैने बहुत खुशी से बोला हर पल दिल से स्वागत है तुम्हारा । छोटी छोटी खुशियॉ से भी बहुत खुश हूँ । लेकिन जाओ उन सब के यहॉ, जहॉ मुझसे से भी ज्यादा जरूरत है…

आओ सैर करे प्रकृति की पाठशाला की – जिंदगी की किताब (पन्ना # 317)

चलो आज सैर करे प्रकृति की पाठशाला की और ऐसी पाठशाला जो कॉलेज, स्कूलों मे नही वरन वनों से उत्पन्न हुई है  जो संस्कारमय बोध का पाठ उपहार स्वरूप प्राप्त करवाती है । जो सुंदरता ही नहीं वरन इंसान के व्यक्तित्व को भी निखारती है। धन्य है वे महापुरूष जो संसार के कौलाहल से हटकर …