परिवार व रिश्ते # एकता # जागृति # जिंदगी की किताब (पन्ना # 413)

जिस परिवार की एकता टूटी समझो उस परिवार की किस्मत फूटी इस बात पर बचपन मे दो बिल्लियाँ व बंदर की सुनी कहानी याद आती है जिसमे दो बिल्लियों आपस में प्यार से रहती थी ,एक दिन उनको रोटी का एक टुकड़ा मिल गया जिसको बॉटते समय आपस मे फूट पड़ गई । तब उन्होंने…

सोचने वाली बात # जिंदगी की किताब (पन्ना # 366)

मनुष्य सामाजिक प्राणी है । चाहे वह परिवार में हो या किसी समूह के साथ हो , आपस में मतभेद तो होता रहेगा क्योंकि वह विचार व अहंकार से भरा होता है । निर्जीव बर्तन भी एक साथ होने पर आपस में खटपट करते रहते है तो मनुष्य तो सजीव प्राणी है । जिनका आपस…

ताकत # जिंदगी की किताब (पन्ना # 335)

एक एक ईंट से मकान बन जाता है एक एक बूँद से सागर बन जाता है मित्रों इस मिलने की अजीब ताकत को तो देखो एक एक फूल के मिलने से गले का हार बन जाता है बंधुओं ना किसी को गम का संसार दो और ना किसी को धोखे से भरा प्यार दो अगर…