गृहिणी # जिंदगी की किताब (पन्ना # 327)

क्या हुआ गृहिणी अगर शिक्षक नही, पर घर की हर समस्याओ का समाधान कर जाती है । क्या हुआ गृहिणी अगर डॉक्टर नही , पर घर मे छोटे मोटे मर्ज की दवा तो कर जाती है । क्या हुआ गृहिणी अगर एम.बी.ए. नही , पर कुशलता से घर और बाहर का मैनेजमेंट संभाल जाती है…

खुशियॉ का क्यूँ करे इंतज़ार ,रखे हमेशा बरकरार # जिंदगी की किताब (पन्ना # 324)

खुशियॉ का क्यूँ करे इंतज़ार ,रखे हमेशा बरकरार… एक आदमी हर समय यह सोचकर बहुत परेशान रहता था कि उसकी जिन्दगी मे कोई खुशी क्यों नही आती । एक दिन वह उदास होकर भगवान से बातें करने लगा कि हे प्रभु मुझे बताओ मेरी जिन्दगी मे खुशियॉ क्यों नही है ? मैंने ऐसा क्या गुनाह…

जज़्बा और जुनून # जिंदगी की किताब (पन्ना # 391)

जज़्बा और जुनून …….. जिन्दगी केवल चुनौती है हम सब के लिये । जो इंसान इसको एक चुनौती के रूप मे लेगा, वह अपने जीवन का परिणाम निकाल ही लेगा ।जीवन मे कुछ भी करने के लिये बस जुनून व जज़्बा चाहिये ।चाहे हमारे पास कुछ हो या ना हो पर सबसे ज्यादा आत्मविश्वास के…

उत्साह एवं मुस्कराहट # जिंदगी की किताब (पन्ना # 385)

उत्साह एवं मुस्कराहट …… दोस्तों जिंदगी में उत्साह एवं मुस्कराहट का होना बहुत जरूरी है। काम कठिन हो या सरल ,मुस्कराहट भरे चेहरे के साथ उत्साह से किया गया कार्य कम समय मे भी अच्छे ढंग से हो जाता है व साथ मे बिगड़ते हुए काम को भी बना देता है ।वहीं निस्तेज और थका…

बाल दिवस की शुभकामनायें # जिंदगी की किताब (पन्ना # 333)

बच्चे परिवार की आत्मा है तो समाज की रीढ़ की हड्डी है । बच्चो की सहजता,निश्छलता,सरलता दूसरो के काम आने की सहभागिता होती है। जज्बा,जिज्ञासा,समर्पण,सदभाव बच्चो जैसी कही नही होती है । बच्चा होना कल्याणकारी है और मासूमियत होना सुकुन की बात है । बच्चे तो देश के भाग्य विधाता है। मंदिरों मे भी भगवान…