आध्यात्मिक ज्ञान ( spiritual science) व भौतिक जगत पर एक नजर # जिंदगी की किताब (पन्ना # 374)

आध्यात्मिक ज्ञान ( spiritual science) व भौतिक जगत पर एक नजर .... आज का युग भौतिकवादी है । भौतिकता की तुलना मे आध्यात्मिकता ( spirituality) के प्रति जागरूकता बहुत ही कम है । क्योंकि लोगों मे अभी इसके प्रति पूरी तरह से श्रद्धा नहीं बैठी है , दृढ़ विश्वास नहीं है । होगी भी तो... Continue Reading →

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जन चेतना ,जन जाग्रति # जिंदगी की किताब (पन्ना # # 373)

आओ कुछ करे ..... अपना देश, अपने देशवासियो के लिये हर प्राणी को संकल्प लेना होगा जो कुछ बन पड़ता ,उसे पूरा करना होगा जन जाग्रति, जन चेतना से नया वातावरण बनाना होगा उसमें कुछ परिवर्तन करना होगा असहाय , निर्धनों को सहयोग देना होगा अबलाओ को शोषण से मुक्त कराना होगा विकलांगों , मंद... Continue Reading →

Quote # 41

दूध पिलाये जिस हाथ से , उसे भी डसना ना छोड़े साँप दुष्ट ना त्यागे दुष्टता चाहे लाख कोशिश कर ले आप आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏

Quote # 40

ईर्ष्या से करे खुद का बुरा , खुद का भी नुकसान । करना चाहते हो यदि अपना उत्थान छोड़ दो हमेशा के लिये ईर्ष्या का ये भाव आपक आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏

Quote # 39

Bimari ke liye Khaney ki milawat ko hi dosh kyun dete ho Doston? Zyada asar toh dil ki milawat ka ho raha hein आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏

आश्रितों के साथ व्यवहार पर विचार # जिंदगी की किताब (पन्ना # 372)

आश्रितों के साथ व्यवहार पर विचार ...... यदि कोई हमारे ऊपर कोई आश्रित है या हमारे अधीन कार्य करता है । चाहे यह बात घर परिवार मे हो या व्यवसाय या नौकरी मे , किसी भी क्षैत्र मे हो ,जो स्वामी सेवक से संबंध रखती हो । उन दशाओ मे इंसान अपने ऊपर आश्रित व्यक्ति... Continue Reading →

लफ्ज # 49,50,51

1. खुशियों के लिए क्यों करे किसी का इंतज़ार, हम ही तो हो अपने जीवन के कलाकार । 2. ख़ुशियाँ मिले ना जंगल में, ना मिलें शहर ,गॉव ,हाट बाजार मे अपने भीतर ढूंढ लो मिल जायेगी दिल की छॉव मे । 3. ना खुशी खरीद पाता हूँ ना गम बेच पाता हूँ, फिर भी... Continue Reading →

आत्मा का अस्तित्व # जिंदगी की किताब (पन्ना # 371)

आत्मा का अस्तित्व .... जो व्यक्ति प्रत्यक्षवादी मे विश्वास रखते है व आत्मा का अस्तित्व होने के लिये प्रत्यक्ष दिखाने के लिये तर्क करते है ।उनके लिये एक संत ने एक व्यक्ति को बहुत ही सुंदरता के साथ जवाब दिया जो इस प्रकार है - संत ने उस व्यक्ति से पूछा कि तुमने अंग्रेज़ी पढ़ी... Continue Reading →

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