सच्ची बात # जागृति # Quote #

ऑंखें तालाब नही फिर भी भर आती है किस्मत सखी नही फिर भी रूठ जाती है होठ कपड़ा नही फिर भी सिल जाता है दुश्मनी बीज नही फिर भी बोई जाती है बुद्धि लोहा नही फिर भी जंग लग जाता है आत्मसम्मान शरीर नही फिर भी घायल हो जाता है और इंसान मौसम नही फिर…

संस्कृति # Quote #

बहुत दुख होता है यह देखकर कि हमारी भारतीय संस्कृति का संग छूटता जा रहा है दादा की जगह Grandpa हो गये चाची अब Aunty हो गई पिता अब Dad हो गये भाई Bro हो गया बहन भी sis हो गई दादी की लोरी टाँय टॉय फिस्स हो गई जीती जागती मॉ बच्चो के लिये…

विवाह # Quote #

मैं “विवाह” के सन्धि-विच्छेद को लेकर बड़े ही कश्मकश में हूँ आप ही बतायें “विवाह” में “वाह” छिपी है या “आह” 🤔🤔😂😂 आपकी आभारी विमला विल्सन मेहता जय सच्चिदानंद 🙏🙏

परिवार # Quote #

असली खगोलशास्त्री तो परिवार में ही होते हैं एक माँ जो बचपन में चाँद दिखाती हैं दूसरे पापा जो एक थप्पड़ में सारा ब्रह्माण्ड दिखा देते हैं तीसरे पत्नी जो दिन में तारे दिखाती है शादी के बाद ज़िंदगी उत्तराखंड की तरह हो जाती है. जहाँ खूबसूरती तो है पर आपदाएँ बहुत आती हैं आपकी…

जिन्दगी # प्रोत्साहन # सफलता # Quote #

जीवन के इस रण में स्वयं ही कृष्ण और अर्जुन बनना पड़ता है रोज अपना ही सारथी बनकर जीवन की महाभारत को लड़ना पड़ता है आपकी आभारी विल्सन मेहता जय सच्चिदानंद 🙏🙏

हँसो और हँसाओ # Quote #

एक सर्वे के अनुसार arranged marriage वाली पत्नियों की रोटी ज्यादा फूलती हैं जबकि love marriage वालियों के मुँह 😃😃😂😂 आपकी आभारी विमला विल्सन मेहता जय सच्चिदानंद 🙏🙏

रिश्तेनाते # जागृति # Quote #

आदर ,अपनापन ,परवाह व थोड़ा वक्त यही वो दौलत है जो अक्सर हमारे अपने हमसे चाहते है आपकी आभारी विमला विल्सन मेहता जय सच्चिदानंद 🙏🙏

क्यूँ ठीक बोला ना ? # जिंदगी की किताब (पन्ना # 397)

क्यूँ ठीक बोला ना ? …. पैसा देकर कैद होने का स्थान …….सिनेमा बिना पैसे का होस्टल …….कैदखाना बहू के पीछे छोडा गया बिना पैसे का जासूस ….सास वजन कम करने की सबसे सस्ती दवा…….चिन्ता बिना वेतन का चौकीदार …..ताला गॉव की अलार्म घडी …….मुर्गा जादूई आँख …..चश्मा बिना पैसे की फिल्म ….ड्रीम (सपने) रोगियों…

सकारात्मक सोच # जिंदगी की किताब (पन्ना # 395)

एक राजा ने कई खूंखार जंगली कुत्ते पाल रखे थे जिनका इस्तेमाल वह लोगों को उनके द्वारा की गयी गलतियों पर मौत की सजा देने के लिए करता था ।एक बार राजा के एक पुराने मंत्री से कोई गलती हो गयी , क्रोधित होकर राजा ने उसे शिकारी कुत्तों के सम्मुख फिकवाने का आदेश दे…

जिन्दगी क्या है # जिंदगी की किताब (पन्ना # 394)

जिंदगी क्या है ? कवियत्री मुक्ता सिंह जी की कविता दिल को छू गई । उन्होने बहुत ही खूबसूरती से कुछ पंक्तियाँ मे जिंदगी क्या है , बख़ूबी दर्शाया है ….. कभी-कभी मन में उठता है ये सवाल, जिंदगी क्या है ? क्या ये ईश्वर का दिया अनमोल तोहफा है, या है उलझनों से भरा…

ग़रीबी अमीरी # Quote #

गरीबी अमीरी तो सब अपने अपने कर्मों का फल है जनाब !! दिखने में वो बहुत गरीब थी भले ही दरिद्र दिखते उसके वस्त्र एवं तन पर हँसी और मन किसी राजकुमारी से कम नहीं थी आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏

मनुष्य के स्तर # Quote #

भर्तृहरि ने मनुष्य के चार स्तर बताये राक्षस तुल्य – जो अपने हितो की पूर्ति के लिये दूसरो के हितो को ले ले व दूसरो के अहित को ही देखे जानवर तुल्य – जो अपने हितो की पूर्ति के लिये दूसरो का अहित करे मनुष्य तुल्य – जो अपने हितो की पुर्ति के साथ दूसरो…