Quote # 260

उम्र तो बस मॉ की कोख मे बढ़ती है बाक़ी पूरी जिन्दगी मे तो उम्र घटती है संसार की सबसे बडी कारूण्यता मॉ के बिना संतान , संतान के बिना मॉ आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏 picture taken from google Advertisements

Quote# 258

आंसू जता देते है दर्द कैसा है बेरूखी बता देती है हमदर्द कैसा है घमण्ड बता देता है कितना पैसा है संस्कार बता देते है परिवार कैसा है बोली बता देती है इंसान कैसा है बहस बता देती है ज्ञान कैसा है नजरें बता देती है सूरत कैसी है स्पर्श बता देता है नीयत कैसी…

Quote # 256

चार प्रकार के आंसू बड़े दुर्लभ है पाप करने के बाद निकलने वाले वेदना के आँसू दुख से आहत होकर निकलने वाले संवेदना के आँसू अपने प्रिय से बिछड़ने के बाद निकलने वाले विरह के आँसू प्रभु भक्ति मे निकलने वाले प्रेम के आँसू आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏 picture taken from google

Quote # 248

देखा नही है जिसने आंसुओं की बरसात का मौसम वो क्या जाने दिल का दर्द आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏

Quote#247

बेटियों को बोझ समझने की फ़ितरत बदल डालो हकीकत मे बेटियॉ अपना नसीब लेकर पैदा होती है आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏

नारी हूँ व अपने अंदाज से सजना संवरना है मुझे # जिंदगी की किताब (पन्ना # 372)

नारी हूँ व अपने अंदाज से सजना संवरना है मुझे हर नारी खूबसूरत दिखने के लिये सजना संवरना चाहती है । मै भी नारी हूँ व खूबसूरत दिखना चाहती है पर अपने अंदाज व अपनी शर्तो पर,अपनी संतुष्टि के लिए । मै खूबसूरत लगना चाहती हूँ पर दूसरों की अपेक्षाओं पर बने रहने के लिए,…

Quote#242

वक्त की नजाकत है एक ही डाल के फूल कहते है हम संग है लेकिन डाल से टूटने के बाद, किसी की किस्मत मे प्रभु का संग है, और किसी की किस्मत में मुर्दे का अंग है आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏

Quote# 241

ख़ुशनसीब है वो लोग जिनके दर्द मे उनके हमदर्द साथ होते है आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद

Quotes # 215,216,217,218

आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏

Quotes #183,184,185,186,187,188,189,190,191,192

जो व्यस्त थे वो व्यस्त ही निकले वक्त पर फालतू लोग ही काम आये दुःख में स्वयं की एक अंगुली आंसू पोंछती है और सुख में दसो अंगुलियाँ ताली बजाती है जब स्वयं का शरीर ही ऐसा करता है तो दुनिया से क्या गिला-शिकवा करना खुद मे खुदा को देखना ध्यान है दूसरो मे खुदा…

मानवता # जिंदगी की किताब (पन्ना #361)

बदलते वक्त मे बदल गई इंसान की सोच मानवीय भावनाओ मे आ गई खोट । यूँ तो कहलाते है हम आर्यों की संतान पर ढूँढने से भी ना मिले इंसान की हैवानियत का भंडार । हम इंसानो की भूखी हवस से जानवर तो क्या इंसान भी कहॉ बच पाते है । कैसे इंसान है जो…

लडकियॉ को कमजोर ना समझो # जिंदगी की किताब (पन्ना # 359)

लडकियॉ को कमजोर ना समझो ।इसकी मिसाल ये छ: लड़कियां है ,जो लडकियॉ नही भारतीय नौसेना की छ: रण चण्डिकाए है। जिन्होंने जलमार्ग द्वारा 40,000 किमी की यात्रा सागर मंथन 55 फुट लंबी आईएनएस तारिणी (मेड इन इंडिया )नाव के द्वारा सागर नाविका परिक्रमा के अंतर्गत पूरे विश्व की परिक्रमा की है देश का गौरव…