बाल दिवस की शुभकामनायें # जिंदगी की किताब (पन्ना # 333)

बच्चे परिवार की आत्मा है तो समाज की रीढ़ की हड्डी है । बच्चो की सहजता,निश्छलता,सरलता दूसरो के काम आने की सहभागिता होती है। जज्बा,जिज्ञासा,समर्पण,सदभाव बच्चो जैसी कही नही होती है । बच्चा होना कल्याणकारी है और मासूमियत होना सुकुन की बात है । बच्चे तो देश के भाग्य विधाता है। मंदिरों मे भी भगवान…