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सच बोलिए ,सच बोलने से आज भले ही खतरा हो, पर सत्य एक दिन आपके सम्मान और विश्वास को पहले से सौ गुना अधिक मजबूती से लौटा लाएगा आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏 Advertisements

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अनुमान गलत हो सकता हे पर अनुभव नही क्योंकि अनुमान हमारे मन की कल्पना है और अनुभव हमारे जीवन का तुर्जबा है आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏

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भाग्य और झूठ से जितनी उम्मीद रखेंगे उतनी ही ज्यादा निराशा मिलेगी व कर्म और सच पर जितना जोर देंगे उतना ही उम्मीद से ज्यादा मिलेगा आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏

बँटवारे की कहानी # जिंदगी की किताब (पन्ना # 387)

बँटवारे की कहानी …. श्री शर्मा के संयुक्त परिवार की तारीफ मोहल्ले भर मे की जाती थी । चार बेटों का भरापूरा परिवार था । सभी आपस मे प्रेम से रहते थे । एकाएक शर्माजी की असामयिक मृत्यु से पूरा परिवार हिल गया । धीरे धीरे समय का कुचक्र ऐसा चला कि भाइयों की आपस…

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कभी किसी के ज़ज्बातो का मजाक ना बनाना ना जाने कौन सा दर्द लेकर कोई जी रहा है आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏

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ासाथ रह कर जो छल करें, उससे बड़ा कोई शत्रु नही हो सकता । जो हमारी बुराइयां मुँह पर बता दे ,उससे बड़ा कोई मित्र नही हो सकता । और साफ साफ बोलने वाला कड़वा जरुर होता है पर धोखेबाज़ नहीं हो सकता । आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏

Quote # 401

महाभारत की शुरुआत तब होती है जब बिना हक का लेने का मन होता है लेकिन जब अपने हक का भी छोड़ देने का मन होता है तब रामायण की शुरुआत हो जाती है आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏

Quote # 392

श्तो को बेहतर व मधुर बनाने के लिये बहुत जरूरी है कि घर परिवार की बात घर मे ही सीमित रखे ना कि जगत ढिंढोरा पीटे वरना रिश्तो मे कडुवाहट तो आयेगी ही ,जग हँसाई और होगी आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏

Quote# 391

ठोकर इसलिये नही लगती कि इंसान गिर जाए बल्कि इसलिये लगती है कि इंसान संभल जाये आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏 picture taken from google

Quote # 382

सेवा करनी है तो घड़ी मत देखो प्रसाद लेना है तो स्वाद मत देखो सत्संग सुनना है तो जगह मत देखो भलाई करनी है तो स्वार्थ मत देखो समर्पण करना है तो बुद्धि मत देखो रहमत पानी है तो हर इंसान मे खुदा का रूप देखो आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏

परंपराये # जिंदगी की किताब (पन्ना # 377)

परम्परायें …. एक अंधे दम्पत्ति थे ,जो मिलकर सब कार्य आसानी से कर लेते थे । लेकिन सबसे बडी परेशानी तब होती थी ,जब अंधी पत्नी खाना बनाती और कुत्ता आकर रोटी खा जाता । इस वजह से रोटियां या तो कम पड़ जाती या खाने को नही मिलती । तब अंधे पति को एक…

Quote # 268

दोस्तो किसी को दुआ नही तो बददुआये भी मत देना क्योकि प्रकृति का नियम है कि जो हम देंगे वही लौटकर हमारे पास आने वाला है । आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏 picture taken from google