Quote # 399

सॉझ सूरज को ढलना सिखाती है शमा परवाने को जलना सिखाती है ठोकर खाने पर दर्द होता जरूर पर वही इंसान को चलना सिखाती है आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏 Advertisements

रिश्ते # जिंदगी की किताब (पन्ना # 382)

रिश्तो मे सिक्के का एक पहलू ऐसा भी ….. सौम्या की शादी के कुछ साल पहले उसकी मॉ की मृत्यु किसी लंबी बीमारी से हो गई थी । मायके मे बापू व भाई भाभी की छोटी सी दुनिया थी ।उसके घर की अच्छी reputation होने की वजह से उसकी शादी अच्छे खाते पीते घर के…

Quote # 392

श्तो को बेहतर व मधुर बनाने के लिये बहुत जरूरी है कि घर परिवार की बात घर मे ही सीमित रखे ना कि जगत ढिंढोरा पीटे वरना रिश्तो मे कडुवाहट तो आयेगी ही ,जग हँसाई और होगी आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏

Quote# 391

ठोकर इसलिये नही लगती कि इंसान गिर जाए बल्कि इसलिये लगती है कि इंसान संभल जाये आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏 picture taken from google

Quote # 390

अधिकतर सास बहू के वैचारिक संतुलन नही बन पाने के कारण ही घर टूटा करते है यदि घर मे दोनो संतुलित तरीके से रह ले तो घर अपने आप स्वर्ग बन जायेगा लड़के लड़की की कुंडली क्या मिलाना , मिलाना है तो सास बहू की मिलाओ क्योकि दोनो की पटरी ठीक बैठ गई तो सारे…

Quote # 389

दुनियां का दस्तूर है जनाब जब तक पैसा है,मतलब है तब तक “How are you” और मतलब और पैसा खत्म तो “who are you” आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏

परंपराये # जिंदगी की किताब (पन्ना # 377)

परम्परायें …. एक अंधे दम्पत्ति थे ,जो मिलकर सब कार्य आसानी से कर लेते थे । लेकिन सबसे बडी परेशानी तब होती थी ,जब अंधी पत्नी खाना बनाती और कुत्ता आकर रोटी खा जाता । इस वजह से रोटियां या तो कम पड़ जाती या खाने को नही मिलती । तब अंधे पति को एक…

Quote # 271

क्यों डरे जिंदगी में क्या होगा हर वक्त क्यों सोचें कि बुरा होगा बढ़ते रहे मंजिलों की ओर , ज़िंदगी में कुछ भी ना मिला तो क्या, हर बार तजुर्बा तो नया होगा आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏

Quote # 268

दोस्तो किसी को दुआ नही तो बददुआये भी मत देना क्योकि प्रकृति का नियम है कि जो हम देंगे वही लौटकर हमारे पास आने वाला है । आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏 picture taken from google

Quote # 266

किन साँसों पर एतबार करूँ जो अंत में मेरा साथ छोड जायेगी किस धन का अंहकार करूँ जो अंत में मेरे प्राणों को बचा नहीं पायेगी किस तन पर अंहकार करूँ जो अंत में मेरी आत्मा का बोझ भी नहीं उठा पाएगा डरना है तो ईश्वर से डर जिसकी अदालत में वकालत नहीं होती और…

पूत के पाव पालने मे # जिंदगी की किताब (पन्ना # 375)

प्रेरक प्रसंग …… कहते है ना पूत के पाव पालने मे नजर आते है । ऐसा ही एक प्रसंग है ….. एक व्यक्ति के तीन बच्चे जो अलग अलग प्रवृति के थे ,उनके भविष्य को लेकर वह काफी चिंतित था । उसे समझ नही आ रहा था कि उन्हें किस दिशा मे बढ़ने के लिये…

Quote # 260

उम्र तो बस मॉ की कोख मे बढ़ती है बाक़ी पूरी जिन्दगी मे तो उम्र घटती है संसार की सबसे बडी कारूण्यता मॉ के बिना संतान , संतान के बिना मॉ आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏 picture taken from google