Quote # 378

माँ बाप भले ही अनपढ़ क्यो ना हो लेकिन अपने बच्चों को शिक्षा और संस्कार देने की जो काबिलियत उनमे है वो दुनिया के किसी स्कुल मे नहीं आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏 Advertisements

Quote # 272

मेरी भावना …. अहंकार का भाव न रक्खूँ ,नही किसी पर क्रोध करूँ देख दूसरो की बढ़ती को , कभी न ईर्ष्या भाव धरूँ रहे भावना ऐसी मेरी , सरल सत्य व्यवहार करूँ बने जहॉ तक इस जीवन मे,औरों का उपकार करूँ आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏

Quote 257

हमेशा मुस्कुराये मुस्कुराना रामबाण औषधि है एक सदाबहार फूल है जिसका इलाज हम स्वयं कर रहे होते है और इसका कोई साइड इफेक्ट भी नही है आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏 picture taken from google

नारी हूँ व अपने अंदाज से सजना संवरना है मुझे # जिंदगी की किताब (पन्ना # 372)

नारी हूँ व अपने अंदाज से सजना संवरना है मुझे हर नारी खूबसूरत दिखने के लिये सजना संवरना चाहती है । मै भी नारी हूँ व खूबसूरत दिखना चाहती है पर अपने अंदाज व अपनी शर्तो पर,अपनी संतुष्टि के लिए । मै खूबसूरत लगना चाहती हूँ पर दूसरों की अपेक्षाओं पर बने रहने के लिए,…

रिश्तो की मधुरता # जिंदगी की किताब (पन्ना # 356)

शिल्पी और उसकी सास में किसी बात पर जोरदार बहसबाजी हो गई व बढते बढ़ते झगड़े का रूप ले लिया । गुस्से मे बात इतनी बढ़ गई कि दोनों ने एक साथ न रहने की कसम खा ली ।शिल्पी ने अपने कमरे में जा कर गुस्से से एकदम दरवाजा बंद कर लिया ,वही दूसरी और…

Quotes # 144,145,146

एंग्रीमैन बनने की बजाय हैपीमैन बने क्योंकि एंग्री चेहरा दूसरो को तो क्या ख़ुद को भी आईने मे देखने पर नही सुहायेगा जबकि हैपी चेहरा जो कोई देखेगा अपना दिल दे बैठेगा । अगर सास बहू , ननद भौजाई की आपस मे जमती तो इस दुनिया मे क़िस्सों की खिचड़ी ना बनती अगर बेटियो को…

Quotes # 137,138

आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏

Quote # 129

न चादर बड़ी कीजिये न ख़्वाहिशें दफ़न कीजिये चार दिन की जिन्दगी है बस चैन से बसर कीजिये आपकी आभारीविमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏

जूता बहुत कुछ कहता है # जिंदगी की किताब (पन्ना # 336)

कभी भी किसी इंसान को पाव का जूता नही समझना क्योंकि जूता भी हमें जिन्दगी के बारे मे कुछ ना कुछ सीख दे जाता है आराम से चलने या दौड़ने के लिये हम जूते की लैस को अपने पाव के हिसाब से टाईट या ढीला करते है ,वैसे ही हम अपनी जिन्दगी मे बहुत सारे…

Quote # 109

log kahatey hai ki iswar sabka bhagay likhata hai , yadi aisa hota to bhagwan sabka bhagay achha hi likhatae aur duniya me kisi ko koi dukh hi nahi hota . par aisa nahi hai ,iswar ne har kisi ko karmrupi ek aise kalam di hai , jisake dwara vah apana bhagay svayan likh sakata…

Quote # 108

आज हमारा परिवार बहुत खुशहाल है क्योंकि हमने अपनी सोच को बदली है एक पराई बेटी ने हमे अपनाने के लिये अपना घर छोड़ा है , हमने नही इसलिये उसे अपने घर की अपेक्षाओ के अनुरूप समझाने से पहले उसकी भावनाओं को समझने की कोशिश की जितना प्यार , अपनापन, विश्वास ,उचित स्वतंत्रता अपने लिये…