प्रेरक कहानी # हिरनी # जिंदगी की किताब (पन्ना # 426)

प्रेरक कहानी …. जंगल में एक गर्भवती हिरनी बच्चे को जन्म देने को थी। वो एकांत जगह की तलाश में घुम रही थी, कि उसे नदी किनारे ऊँची और घनी घास दिखी। उसे वो उपयुक्त स्थान लगा शिशु को जन्म देने के लिये। वहां पहुँचते ही उसे प्रसव पीडा शुरू हो गयी। उसी समय आसमान…

परिवार व रिश्ते # माता पिता # प्रेरणादायी कहानी # जिंदगी की किताब (पन्ना # 425)

परिवार व रिश्ते …. फ़ोन की घंटी तो सुनी रचना ने ,….. मगर आलस की वजह से रजाई में ही लेटी रही … हारकर उसके पति राहुल को उठना ही पड़ा। दूसरे कमरे में पड़े फ़ोन की घंटी बजती ही जा रही थी….इतनी सुबह कौन हो सकता है जो सोने भी नहीं देता, इसी चिड़चिड़ाहट…

भलाई # प्रेरणादायी कहानी # जागृति # जिंदगी की किताब (पन्ना # 424)

एक राजा था ,जिसने कई खूंखार जंगली कुत्ते पाल रखे थे । उन कुतो का इस्तेमाल वह लोगों को उनके द्वारा की गयी गलतियों पर मौत की सजा देने के लिए करता था ।एक बार राजा के एक पुराने मंत्री से कोई गलती हो गयी ।गुस्से मे राजा ने मंत्री को शिकारी कुत्तों के सम्मुख…

उदारता # प्रेरणादायी कहानी # जिंदगी की किताब (पन्ना # 422)

*एक 6 वर्ष का लडका अपनी 4 वर्ष की छोटी बहन के साथ बाजार से जा रहा था। अचानक से उसे लगा की,उसकी बहन पीछे रह गयी है। वह रुका, पीछे मुडकर देखा तो जाना कि, उसकी बहन एक खिलौने के दुकान के सामने खडी कोई चीज निहार रही है। लडका पीछे आता है और…

उम्मीद # प्रोत्साहन देने वाली कहानी # जिंदगी की किताब (पन्ना # 414)

प्रेरणादायक प्रोत्साहित करने वाली कहानी …. एक घर मे *पांच दिये” जल रहे थे। एक दिन पहले एक दिये ने कहा -इतना जलकर भी मेरी रोशनी की लोगो को कोई कदर नही है ,बेहतर यही होगा कि मैं बुझ जाऊं। वह दिया खुद को व्यर्थ समझ कर बुझ गया । जानते है वह दिया कौन…

मदद # प्रेरणादायी कहानी # जिंदगी की किताब (पन्ना # 413)

दिल को छू जाने वाली story …. मदद – कुछ इस तरीके से करके तो देखिये … दिल को छू जाने वाली story ……. ऑफिस से निकल कर गुप्ता जी ने स्कूटर स्टार्ट किया ही था कि उन्हें याद आया कि पत्नी ने कहा कि एक किलो बेर लेते आना। तभी उन्हें सड़क किनारे ताज़ा…

जैसी करनी वैसी भरनी # कर्ज # प्रेरणादायी कहानी # जिंदगी की किताब (पन्ना # 411)

प्रेरणा देने वाली बहुत सुंदर कथा …. जैसी करनी वैसी भरनी …… एक सेठ जी बहुत ही दयालु थे । धर्म-कर्म में यकीन करते थे उनके पास जो भी व्यक्ति उधार मांगने आता वे ,उसे मना नहीं करते थे । सेठ जी मुनीम को बुलाते और जो उधार मांगने वाला व्यक्ति होता उससे पूछते कि…