सगाई के समय अनामिका उंगली में ही अंगूठी क्यो पहनाते हैं ?# जिंदगी की किताब (पन्ना # 374)

सगाई के समय लड़की व लड़का दोनों एक दूसरे को अनामिका उंगली में ही अंगूठी क्यो पहनाते हैं ? इस सुंदर प्रयोग को आप भी करके देखिये बुद्धिजीवियों के अनुसार हमारे हाथ की दसों उंगलियां एक परिवार के सदस्यों का प्रतीक है । हाथ के अंगूठे हमारे माता पिता का प्रतीक है । अंगूठे के…

Quotes # 205,206,207,208,209,210,211,212,213,214

किसीभीलड़कीकोवहचाहेविवाहितहोयाअविवाहितछेड़नापापहै …. आजकलआधुनिकजमानेमेबिंदीवसिंदूरलगानेकीपरंपरागुलहोतीजारहीहैजोविवाहितहोनेकोभीदर्शातीहै …..इसपोस्टकाआशयइसपरंपराकोजीवितरखनाहै आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏 all picture taken from google

हाथ से भोजन करने का वैज्ञानिक कारण # जिंदगी की किताब (पन्ना # 368)

आजकल कई लोग पाश्चात्य सभ्यता का अनुकरण करते हुये हाथ से भोजन करने की बजाय चम्मच कॉटे छुरी का इस्तेमाल करते है व इसमे अपनी शान समझते है । लेकिन हमारे बुज़ुर्ग लोगो ने भोजन करने के लिये चम्मच कांटे की बजाय हाथ से भोजन करने को ज्यादा महत्व दिया । हाथ से भोजन करने…

मृत्युभोज के नाम एक संदेश # जिंदगी की किताब (पन्ना # 364)

🔸जिस घर मे पुत्र शोक पर क्रंदन कर रहे मॉ पिता वहॉ भोजन का निवाला तुम्हे कैसे भाता होगा ? 🔸जिस घर मे सूनी मॉग लिये रोती बिलखती विधवा युवती वहॉ बडे चाव से पंगत खाते हुये तुम्हे ज़रा भी पीड़ा नही होती ? 🔸जिस घर मे रक्षा सूत्र लिये बहना अपने भाई की याद…

बुढ़ापे मे हाथ पाव जवाब देने लगे # जिंदगी की किताब (पन्ना # 360)

👌👌👌🙏🙏🙏👍👍👍 👌👌जब बुढ़ापे मे हाथ पाव जवाब देने लगते है उस समय बहू घर की कैसे भी साज संभाल करे वो महत्वपूर्ण नही रह जाता बल्कि बेटी की तरह उनकी सेवा करे , ध्यान रखे वो महत्वपूर्ण हो जाता है । फिर क्यो ना हम शुरू से ही बहू को बहू ना मानकर एक बेटी…

जानकारी# जिंदगी की किताब (पन्ना # 349)

33 करोड़ नहीं 33 कोटि देवी देवता हैं हिंदू धर्म में कोटि = प्रकार देवभाषा संस्कृत में कोटि के दो अर्थ होते हैं । कोटि का मतलब प्रकार होता है और एक अर्थ करोड़ भी होता है। हिंदू धर्म में कुल 33 प्रकार के देवी देवता हैँ 👇👇 12 प्रकार हैँ के है …. आदित्य…

एक नजर अंधविश्वास व मन्नत पर # जिंदगी की किताब (पन्ना # 347)

जब हम भगवान या देवी देवता से कोई मन्नत मॉगते है व पूरी होने पर किसी वस्तु का चढ़ावा या प्रसाद या दर्शन ….जो भी बोलते है ओर किसी वजह से पूरा कर ना पाते है या देरी हो जाती है ,ऐसी स्थिती मे यदि घर मे कोई बड़ी परेशानी या विघ्न आ जाता है…

Quote # 152

बहुत कुछ सिखाया जिन्दगी के अंजाने सफर ने वो किताबों मे दर्ज था ही नही जो पढ़ाया सबक़ जमाने ने आपकी आभारी विमला विल्सन जयसच्चिदानंद 🙏🙏

पहचानिये अपनी प्रकृति को (वात , कफ पित )# जिंदगी की किताब (पन्ना # 345

पहचानिये अपनी प्रकृति को (वात , कफ पित )… मनुष्य की प्रकृति वात , कफ , पित इन तीनों शक्तियों से मिलकर बनी है । नीचे हर एक प्रकृति की दो सारणियॉ दी गई है । सारणियों से अपनी अपनी प्रकृति पहचाने । हर प्रकृति की पहली सारणी के अनुसार अपनी प्रकृति से संबंधित लक्षणों…

नेगेटिव कैलोरी का पॉज़िटिव कमाल # जिंदगी की किताब (पन्ना # 341)

नैगेटिव कैलोरी का पॉज़िटिव कमाल ….. खाद्य प्रदाथो से शरीर को मिलने वाली ऊर्जा को कैलोरी से मापा जाता है ।एक अनुमान के हिसाब से सामान्य स्त्री के लिये 2,200 व पुरूष के लिये 2,400 कैलोरी ऊर्जा की आवश्यकता होती है । शरीर को भोजन पचाने के लिये ऊर्जा की जरूरत होती है । कुछ…

जिन्दगी के कुछ टिप्स # जिंदगी की किताब (पन्ना # 340)

खाइये व खिलाइये दाल रोटी चाहे मोटी हो या पतली व कितनी भी हो कमाई प्यासे को पिलाये पानी चाहे हो जाये कुछ हानि आये का कीजिये मान जाते का कीजिये सम्मान जाइये दुख मे पहले , सुख मे पीछे सोचिये एकांत मे , करिये सबके सामने धोइये दिल की कालिख को ,कुटुम्ब के दाग…