परिवार व रिश्ते # वक्त # जागृति # Quote #

जब हम अपने रिश्तो के लिये वक्त नही निकाल पाते है तो वक्त हमारे बीच से रिश्ता निकाल देता है आपकी आभारी विमला विल्सन मेहता जय सच्चिदानंद 🙏🙏 Advertisements

सफलता # जागृति # Quote #

जब भी तुम्हारा हौसला आसमान तक जाएगा, याद रखना कोई न कोई पंख काटने अवश्य आएगा, इसलिए उड़ने से पहले पंखों की मजबूती पर ध्यान रखना आपकी आभारी विमला विल्सन मेहता जय सच्चिदानंद 🙏🙏

परिवार व रिश्ते # जागृति # Quote #

उन लोगो से दूर रहने मे ही भलाई है जो तुम्हारी इज्जत ना करे तुम्हारा इस्तेमाल करे तुमसे बार बार झूठ बोले तुम्हे हमेशा नीचा दिखाने का मौका ढूँढे आपकी आभारी विमला विल्सन मेहता जय सच्चिदानंद 🙏🙏

कटु सत्य # सोच # जागृति # Quote #

कटु सत्य गरीब आदमी जमीन पर बैठ जाये तो वह उसकी जगह कहलाती है और अगर अमीर आदमी जमीन पर बैठ जाये तो वह उसका बड़प्पन कहलाता है आपकी आभारी विमला विल्सन मेहता जय सच्चिदानंद 🙏🙏

सुविचार # जागृति # Quote #

बीते हुए कल का अफसोस और आगामी कल की चिंता ये दोनो ऐसे चोर है जो आज की सुंदरता को चुरा लेते हे आपकी आभारी विमला विल्सन मेहता जय सच्चिदानंद 🙏🙏

रिश्ते # जागृति # वाणी # Quote #

अगर हमारे बोल मीठे नही तो हिचकियॉ भी नही आती और चाहे घर बडा हो या छोटा अगर मिठास ना हो तो इंसान क्या चींटियाँ भी नही आती आपकी आभारी विमला विल्सन मेहता जय सच्चिदानंद 🙏🙏

चिंता # जागृति # Quote #

चिंता उलझाती है और चिन्तन सुलझाता है चिंता करोगे तो उलझ जाओगे चिन्तन करोगे तो सुलझ जाओगे आपकी आभारी विमला विल्सन मेहता जय सच्चिदानंद 🙏🙏

जिन्दगी # जागृति # Quote #

चक्की के दो पाटों में एक स्थिर और दूसरा गतिमान हो तभी अनाज पिस सकता है इसी प्रकार मनुष्य में भी दो पाट होते हैं एक मन ,और दूसरा शरीर यदि मन स्थिर और शरीर गतिमान रहे तभी सफल व्यक्तित्व संभव है आपकी आभारी विमला विल्सन मेहता जय सच्चिदानंद

परिवार व रिश्ते # जागृति # Quote #

अगर मैं सोचूं कि मुझे किसी की भी ज़रूरत नहीं तो ये मेरा ‘अहम’ है और अगर मैं सोचूं कि सबको मेरी ज़रूरत है तो ये मेरा ‘वहम’ है सच तो ये है हम तुम से, तुम हम से हम सब एक दूजे से हैं आपकी आभारी विमला विल्सन मेहता जय सच्चिदानंद 🙏🙏

जिन्दगी # जागृति # Quote #

एक फ़क़ीर से मुलाक़ात हुई, तो मैंने गुज़ारिश की जिंदगी की कोई नसीहत दीजिये मुझे उन्होंने सवाल किया, कभी बर्तन धोये हैं ? मैने हैरान होकर कहा, जी धोये हैं पुछा …क्या सीखा ? मैंने कोई जवाब नही दिया वो मुस्कुराये और कहा बर्तन को बाहर से कम और अंदर से ज्यादा धोना पड़ता है…

परिवार व रिश्ते # जागृति # Quote #

प्रेम या सम्मान का भाव सिर्फ उन्हीं के प्रति रखिएगा ,जो आपके मन की भावनाओं को समझते हैं कहते है कि जलो वहाँ , जहाँ जरूरत हो उजालों में चिरागों के मायने नहीं होते आपकी आभारी विमला विल्सन मेहता जय सच्चिदानंद 🙏🙏