जिंदगी की किताब (पन्ना # 383)

जन्माष्टमी का पर्व आया, तन मन को महकाया !! एक वर्ष से आये हो तुम ,हर्षोल्लास को लाये हो !! हर्ष , खुशी है सबके मन मे ,आओ पधारो मेरे मन मन्दिर !! खुशी से पर्व मनाते हुये , करे कन्हैया के गुणों का बखान अपनाये उनके गुणों की खान , हो जाये इस भवसागर…

रक्षाबंधन # कविता# जिंदगी की किताब (पन्ना # 380)

आ रहा है रक्षाबंधन का त्योहार रिश्तों में मिठास घोलने टूटे रिश्तों को जोड़ने !! भाई बहन का रिश्ता है मछली और सरोवर जैसा है जब तक जियेंगे साथ रहेंगे !! त्योहार नही है सिर्फ महज धागों को बॉधने का त्योहार है जुड़ने और जोड़ने का !! अगर आ गई है रिश्तो मे दरार हो…

Quote# 273

नानी के घर जाना है ,सुनकर मन हर्षित हो जाता है नानी जैसा प्यार दुलार ,कहॉ और मिल पाता है सबकी डांट से भी बचाती,करने देती है मनमानी नई नई कहानियॉ सुनाती,अच्छे-अच्छे पकवान खिलाती अच्छी बाते सिखलाती,साथ मे कोई बड़ी सीख दे जाती गलतियों को सुधार कर ,वह हमे बेहतर बनाती माँ तो प्यारी है…

नारी तेरे बिना अधूरी कहानी # जिंदगी की किताब (पन्ना # 394)

नारी तेरे बिना अधूरी कहानी …..हालाँकि आज मे स्रियो के अधिकारो को लेकर जागरूकता बढ़ रही है फिर भी अभी और सुधार लाने की जरूरत है । समाज की उन्नति के लिये नारी का सम्मान करना बहुत जरूरी है ,क्योंकि नारी पुरूष का आधा अंग कहलाती है । क्या यह संभव है कि किसी का…

प्रेरणा # जिंदगी की किताब (पन्ना # 390)

दूसरों की निंदा मे लगकर समय क्यों गँवाते हो ? अपनो के अवगुणो को हर पल क्यों दोहराते हो ? सेवा और त्याग की भाषा तुम फिर क्यों भूल जाते हो ? असीम सुखों की चाहत मे क्यों स्वार्थी बन जाते हो ? मीठे बोल से ही यहॉ अपनत्व क्यों ना बढ़ाते हो ? अपनो…

नव वर्ष पर # जिंदगी की किताब (पन्ना # 388)

ैकुछ खट्टी कुछ मीठी यादों के साथ , जिन्दगी की किताब का एक और पन्ना कम हो रहा है , सुलभ डोर से फिर एक मोती झड़ रहा है , एक और दिसम्बर गुजर रहा है !कुछ चेहरे घटे,कुछ चेहरे बढ़े ,गुजरे व जुड़ी ,कुछ हटी , उम्र का पंछी नित दूर और दूर उड़…

मुस्कराहट # जिंदगी की किताब (पन्ना # 384)

जिन्दगी मे हर क्षण मुस्कराये , हँसे और औरों को भी हँसाये !! चेहरा देना तो कुदरत का काम है , पर सुंदर भाव देना हमारे हाथ है !! मुस्कराहट लाने से , कैसा भी चेहरा बन जायेगा सुंदर और आभामंडल बन जायेगा अतिसुन्दर !! सागर मंथन मे भी पहले निकला विष , बाद मे…

स्त्री # जिंदगी की किताब (पन्ना # 380)

स्त्री प्रमुदित पल्लवित पहेली हैं, हर संकट के लिए सहारे की हथेली हैं। स्त्री इतिहास की नदी है जो बहती सदी दर सदी हैं, स्री पारखी हैं, जानती क्या नेकी क्या बदी हैं स्त्री धरती हैं जिसने झेला हर झमेला है पंच तत्वों के मिलन का अदभुत मेला हैं । आपकी आभारी विमला विल्सन जय…

अगर भगवान के पास मोबाइल होता तो # जिंदगी की किताब (पन्ना # 378)

अगर भगवान के पास मोबाइल होता तो …. भगवान के पास अनंत जीवो की अनंत शिकायतें है मंत्र है , प्रॉर्थनाये है , आयते है गिनी ना जाये उतनी ढेर सारी फाइले है अगर उस पर रख लिया हाथ मे मोबाइल तो माना कि वह सर्वस्व है ना ही किसी का खौफ रखेंगे लेकिन फिर…

पति पत्नी की तकरार को कहो “लड़ाई या प्यार” # जिंदगी की किताब (पन्ना # 375)

पति पत्नी की तकरार को कहो “लड़ाई या प्यार” लड़ाई के लिये बात नहीं बतंगड चाहिये बिना वजह का बवंडर चाहिये मेरे घरवालों को ऐसा क्यों कहा ? मेरी इच्छाओ को पैसों से क्यों तौला ? सबके सामने वैसा क्यों बोला ? मॉ के जैसा क्यों बोला ? बेकार मे क्यों तनी रहती हो ?…

विधवा विवाह # जिंदगी की किताब (पन्ना # 369)

picture taken from google शादी के बाद जब कम उम्र मे ही पति या पत्नी किसी एक का देहांत हो जाता है तो पूरी ज़िंदगी अकेले काटना बहुत मुश्किल हो जाता है । चाहे पूरा परिवार साथ हो लेकिन जीवन साथी की कमी को चाहकर भी कोई पूरा नहीं कर सकता । छोटे छोटे बच्चों…

हिम्मत ना हार # जिंदगी की किताब (पन्ना # 342)

तु तकदीर को हरदम क्यो रोता है इंसान हिम्मत से चलता चल तदबीर को बना ले साथी हिम्मत का भगवान हिमायती ऐसी वो अद्भुत शक्ति है जिसका वार ना जाता ख़ाली चलाकर तो देख हिम्मत के इस तीर को अगर पुरूषार्थ तजकर के ऑसू यूँ ही बहायेगा सुनहरा समय बीत गया तो पीछे कौन पछतायेगा…