अनमोल बाते # जागृति # परिवार और रिश्ते # Quotes #

रिश्तों को शब्दों का मोहताज ना बनाइये

अगर अपना कोई खामोश हैं तो खुद ही आवाज लगाइये

कैसे खिलेंगे रिश्तों के फूल ,अगर ढूंढते रहेंगे एक दूसरे की भूल


स्पष्टीकरण वहॉ देना चाहिये जहॉ उसे समझने व सुनने वाला खुला दिमाग हो

अगर आपको किसी ने गलत मान लिया तो उस पर सफाई देने का मतलब खुद को खुद की नज़रों मे गिराना है


अच्छे रिश्ते भी ताजमहल की तरह होते है

जिसकी खूबसूरती तो सबको नजर आती है पर

बनाने मे लगा समय व मेहनत किसी को नजर नही आती


आपकी आभारी विमला विल्सन मेहता

जय सच्चिदानंद 🙏🙏