अनमोल बाते # जागृति # Quotes #

हम खुश रहने की कोशिश इसलिए भी करते है क्योंकि हमें पता है कि मनाने वाला कोई भी नही


चाहे कितना भी भलाई का काम कर लो

उस भलाई की उम्र सिर्फ अगली गलती होने तक ही सीमित है


मुसीबतें रूई से भरे थैले की तरह होती है

देखते रहेंगे तो बहुत भारी दिखेंगी

और उठा लेंगे तो हल्की हो जायेगी


आपकी आभारी विमला विल्सन मेहता

जय सच्चिदानंद 🙏🙏