परिवार और रिश्ते # जिन्दगी # जागृति # Quotes #


सार्वजनिक रूप से की गई आलोचना अपमान में बदल जाती है

और एकांत में बताने पर सलाह बन जाती है


जरूरी नही कि काम का बोझ ही इंसान को थका दे ,

कुछ ख़्यालों का बोझ भी इंसान को थका देता है


आपकी आभारी विमला विल्सन मेहता

जय सच्चिदानंद 🙏🙏