नारी # Quote #

नारी और वृक्ष मुझे एक से लगते हैं

खुश हों तो दोनों फूलों से सजते हैं ।

दोनों ही बढ़ते और छंटते हैं

इनकी छांव में कितने लोग पलते हैं ।

देना ही इनकी नियति है

औरों की झोली भरना दोनों की प्रकृति है ।

धूप और वर्षा सहने की पेड़ की शक्ति है

दुःख पाकर भी सह लेना नारी ही कर सकती है ।

नारी और पेड़ में एक अबूझ रिश्ता है

जो दोस्ती से मिलता जुलता है ।

पेड़ चाहता है कुछ पानी कुछ खाद

नारी चाहती है सिर्फ प्यार और सम्मान ।


आपकी आभारी विमला विल्सन मेहता

जय सच्चिदानन्द 🙏🙏

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