जिन्दगी # जागृति # Quote #

अपनी आदतों के हिसाब से चलने

में इतनी गलतियां नहीं होती

जितना दुनिया का ख्याल और

लिहाज़ रखकर चलने में होती है

यही बात समझने में इंसान पूरी उम्र लगा देता है

जब तक रास्ते समझ में आते है

तब तक लौटने का वक़्त हो जाता है


आपकी आभारी विमला विल्सन मेहता

जय सच्चिदानंद 🙏🙏

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