जिन्दगी # जागृति # Quote #

चक्की के दो पाटों में एक स्थिर और दूसरा गतिमान हो तभी अनाज पिस सकता है

इसी प्रकार मनुष्य में भी दो पाट होते हैं

एक मन ,और दूसरा शरीर

यदि मन स्थिर और शरीर गतिमान रहे

तभी सफल व्यक्तित्व संभव है


आपकी आभारी विमला विल्सन मेहता

जय सच्चिदानंद

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