कालचक्र भाग (आरा) – छ: # जिंदगी की किताब (पन्ना # 420)

6. छट्ठा आरा दुषमा – दुषमा काल – शास्त्रों के अनुसार छ: आरे होते है । पॉच आरों के बारे मे आपको जानकारी मिल चुकी है । अभी पॉचवां आरा चल रहा है । इक्कीस हज़ार वर्ष अवधि वाले पॉचवे आरे की समाप्ति के साथ ही दुख वाला छट्ठा आरा प्रारम्भ होता है । इसकी…

कालचक्र भाग (आरा) – पॉच # जिंदगी की किताब (पन्ना # 419)

5. पंचम आरा ….जो अभी चल रहा है  दुषमा काल  शास्त्रों के अनुसार छ: आरे होते है । चार आरों के बारे मे आपको जानकारी मिल चुकी है । चौथे आरे की समाप्ति पर 21,000 वर्ष की अवधि वाला पॉचवां दुख वाला आरा आरम्भ होता है । अभी कलयुग मे पॉचवां आरा चल रहा है…

परिवार व रिश्ते # जागृति # Quote #

प्रेम या सम्मान का भाव सिर्फ उन्हीं के प्रति रखिएगा ,जो आपके मन की भावनाओं को समझते हैं कहते है कि जलो वहाँ , जहाँ जरूरत हो उजालों में चिरागों के मायने नहीं होते आपकी आभारी विमला विल्सन मेहता जय सच्चिदानंद 🙏🙏

सुप्रभात # अच्छे विचार # Quote #

जिन्दगी मे अगर कोई सही रास्ता दिखाने वाला दोस्त है तो ,वह है अनुभव .. आपकी आभारी विमला विल्सन मेहता जय सच्चिदानंद 🙏🙏