परिवार व रिश्ते # एकता # जागृति # जिंदगी की किताब (पन्ना # 413)

जिस परिवार की एकता टूटी

समझो उस परिवार की किस्मत फूटी

इस बात पर बचपन मे दो बिल्लियाँ व बंदर की

सुनी कहानी याद आती है

जिसमे दो बिल्लियों आपस में प्यार से रहती थी ,एक दिन उनको रोटी का एक टुकड़ा मिल गया जिसको बॉटते समय आपस मे फूट पड़ गई । तब उन्होंने रोटी को बाँटने के लिए एक बंदर को बीच में लिया ,बंदर ने सोचा कि अगर बिल्लियों ने आपस में ही इस झगड़े को सुलझा दिया तो यह टुकड़ा इन दोनो का हो जायेगा ,इसलिए उसने जानबूझकर रोटी के ऐसे दो टुकड़े कर दिए जो बराबर नही थे । फिर बंदर ने वो टुकड़े दोनो बिल्लियों को देकर एक बिल्ली को कहा कि शायद तुम्हारा टुकड़ा दूसरी बिल्ली के टुकड़े से थोड़ा बडा है और वह बंदर उस टुकड़े में से एक छोटा सा हिस्सा खा गया ,फिर दूसरी बिल्ली का टुकड़ा थोड़ा बड़ा रह गया और बंदर ने उसमे से भी छोटा हिस्सा खा गया ।दोनों बिल्लियां अब घबरा गईं ,वो फिर भी चुपचाप बंदर के फैसले का इंतज़ार करती रहीं, लेकिन जब दोनों ने देखा कि दोनों टुकड़े बहुत छोटे-छोटे रह गए, तो वे बंदर से बोलीं, “आप चिंता ना करो, अब हम लोग अपने आप रोटी का बंटवारा कर लेंगी ।

इस बात पर बंदर बोला, जैसा आप दोनों को ठीक लगे, लेकिन मुझे भी अपनी मेहनत की मज़दूरी तो मिलनी ही चाहिए ना, इतना कहकर बंदर ने रोटी के बचे हुए दोनों टुकड़े भी अपने मुंह में डाल लिए और बेचारी बिल्लियों को वहां से खाली हाथ ही लौटना पड़ा ।

दोनों बिल्लियों को अपनी ग़लती का एहसास हो चुका था और उन्हें समझ में आ चुका था कि आपस की फूट बहुत बुरी होती है और दूसरे इसका फायदा उठा सकते हैं ।

यही आज के हालात है , आपस मे एक ही परिवार के लोग जमीन जायदाद या घरेलू उलझनों को लेकर आपस मे मतभेद करते करते मनभेद कर जाते है व हर बात मे बिल्लियों की तरह झगड़ते है , छोटी छोटी बातों मे एक दूसरे की कमियॉ निकालते है ।एक दूसरे को नीचा दिखाते है । यहॉ तक की घर परिवार की बात बाहर के लोगो तक पहुँचाने मे भी नही हिचकिचाते है , परिणाम स्वरूप बाहरी व्यक्ति उसका फायदा उठाने लगता है व आपके परिवार मे फूट डालने की कोशिश करता है व धीरे धीरे आपके परिवार पर राज करने लगता है ।

इसलिए चाहे कितना भी घर मे झगड़ा हो ,घर की बात घर तक ही सीमित रखे ,परिवार की एकता की शक्ति को पहचानें ,एकजुट होकर मिलकर रहें फिर देखियेगा किसी की भी आपसी रिश्ते मे कोई दरार डालने की हिम्मत नही होगी …


आपकी आभारी विमला विल्सन मेहता

जय सच्चिदानंद 🙏🙏

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