आध्यात्मिक बात # सुविचार # जागृति # Quote

परमात्मा का मिलन

मंदिर मे नारियल फोड़ते है ,तब सबसे पहले हम नारियल की जटा हटाते हैं ,जो है हमारी इच्छाये ,जिन्हे सबसे पहले हटाना जरूरी होता है

फिर उसका कठोर हिस्सा तोड़ते हैं ,जो है हमारा अहंकार ,जिसको हटाना बहुत आवश्यक है

फिर निकलता है नारियल पानी ,जो है हमारे अंदर के नकारात्मक विचार ,जिसको निकालना महत्वपूर्ण है ,

उसके बाद आती है शुद्ध सफ़ेद गरी ,जो आत्मा का प्रतीक है

इच्छाये,अहंकार और नकारात्मक सोच हटाये बिना हमारा परमात्मा से मिलन नही हो सकता


आपकी आभारी विमला विल्सन मेहता

जय सच्चिदानंद 🙏🙏

Image credit google

Advertisements