जिंदगी की सच्चाई # जिन्दगी # Quote

कभी नज़रें मिलने में लम्हे बीत जाते हैं

कभी नजरे चुराने में ज़माने बीत जाते हैं ।

किसी ने ऑख भी खोली तो सोने की नगरी में किसी को घर बनाने में ज़माने बीत जाते हैं ।

कभी काली गहरी रात में हमे एक पल की लगती है

कभी एक पल बिताने में ज़माने बीत जाते है ।

कभी खोला दरवाज़ा खड़ी थी सामने मंज़िल

कभी मंज़िल को पाने में ज़माने बीत जाते हैं ।

एक पल में टूट जाते हैं उम्र भर के वो रिश्ते

जो बनाने में ज़माने बीत जाते हैं ।


आपकी आभारी विमला विल्सन मेहता

जय सच्चिदानंद 🙏🙏