जिन्दगी # जागृति # Quotes

चैन से जीने के लिए

चार रोटी और दो कपड़े काफ़ी हैं

पर बेचैनी से जीने के लिए

बंगला, प्लॉट ,कार

चाहे कितने भी हो

कम हैं


चार वेदो का अर्थ ना जानो तो कोई बात नहीं परंतु “समझदारी, जवाबदारी ,वफ़ादारी, और ईमानदारी “ये चार शब्दों का मर्म जानों

तो भी जीवन सार्थक हो जायेगा


जिन्दगी एक रात है

जिस में ना जाने कितने ख्वाब हैं

जो मिल गया वो अपना है

जो टुट गया वो सपना है

ये मत सोचो की जिन्दगी में कितने पल है

ये सोचो की हर पल में कितनी जिन्दगी है

इसलिये जिन्दगी को जी भर कर जी लो


जीवन में चार चीज़ें ये मत तोड़िये

विश्वास ,रिश्ता ,ह्रदय, और वचन

क्योंकि ये जब टूटते है तो आवाज़ नहीं आती पर दर्द बहुत होता है


जो खुशी से जीवन जीता है ,हमेशा आनंद का रस पीता है ।

जो दूसरों को दुखी करता है , खराब कर्मों का बंधन करता है ।

जो सकारात्मक सोच रखता है , हमेशा प्रसन्न रहता है

जो दूसरों को दोष देता है ,नेगेटिव सोच वाला बन जाता है

कोई भी इंसान धन से ना सही ,सोच से तो धनी बन सकता है

उल्टी सोच ना रखो , वरना सीधा जीवन जी ना पाओगे

जो बिना सोच समझे कार्य करता है , उसके कार्य पशुतुल्य समान होते है

अच्छी सोच रखने वाला ,कभी दुखी नहीं हो पाता है

दूसरों का बुरा सोचने से दूसरें का नहीं,अपना ही बुरा होता है ।

इंसान मे अति नहीं, पर व्यवस्थित मति तो चाहिये


आपकी आभारी विमला विल्सन मेहता

जय सच्चिदानंद 🙏🙏

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