जागृति # Quote #

किराये की काया में बसेरा है मेरा

रोज़ श्वासों को बेच कर कीमत चुकाता हूँ

असल मे औकात है बस मिट्टी जितनी

फिर भी बातें मैं महलों की कर जाता हूँ

जल जायेगी एक दिन काया मेरी

फिर भी इसकी खूबसूरती पर इतराता हूँ

मुझे पता हे मैं खुद के सहारे श्मशान तक भी ना जा सकूंगा

इसीलिए जमाने में दोस्त बनाता हूँ


चार दिन की है जि़न्दगी,हंसी खुशी से काट लो

मत किसी का दिल दुखाओ ,दर्द सभी का बाँट लो

एक नेकी के सिवा, कुछ साथ नही जाना है

कर भला होगा भला ,गाँठ मन में ये बांध लो


प्रकृति ने सिर्फ दो ही रास्ते दिये है

या तो देकर जाये ,या छोड़कर जाये

साथ ले जाने की कोई व्यवस्था नही है

इसलिये हमेशा मस्त रहो ,स्वस्थ रहो , प्रसन्न रहो


जिन्दगी जीनी है तो इस तरह जियो

जिस तरह दीपक में जलती है लौ

जिस तरह आसमान में चमकता है सूरज

जिस तरह फूलों में बसती है महक

जिस धरती पर बरसती है घटा

जिस तरह सागर में उठती है लहर

जिस तरह रातों को चमकते हैं जुगनू

तुम रहो या ना रहो , तुम्हारी हस्ती रहे इस तरह


निंदा करना roaming की तरह है

करो तो भी charge लगता है और

सुनो तो भी charge लगता है

भलाई करना life insurance की तरह है जिंदगी के साथ भी ,जिंदगी के बाद भी

अच्छे कर्मों का premium भरते रहिये व बोनस पाते रहिये


आपकी आभारी विमला विल्सन मेहता

जय सच्चिदानंद 🙏🙏

आपकी आभारी विमला विल्सन मेहता

जय सच्चिदानंद 🙏🙏

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