बेटी # Quote #

किसी की बेटी हमारी बहू है और

हमारी बेटी किसी की बहू

हमारी बेटी के पास वही लौटकर जाने वाला है

जो व्यवहार हम अपनी बहू से करेंगे


ये कैसी रीत बनाई है ,

बाबुल का ऑगन छोड़ते वक्त क्यूँ मेरी ऑंखें भर आई है

हमने तो बस दुनिया की एक रस्म निभाई है

किसी से जुदाई तो किसी से मिलन की घड़ी आई है ।


खेलने दो ,दौड़ने दो खुले मैदान मे इन नन्हे कदमो को

जिन्दगी बहुत भगाती है बचपन गुज़रने के बाद ।


बेटा या बेटी होने से फर्क नही पडता बल्कि संस्कार से पड़ता है

क्योकि जो बेटा या बेटी पैदा करती है वो भी किसी की बेटी होती है

हम जिसे घर में ब्याह कर लाते हैं वो भी किसी की बेटी होती है

इसलिए सिर्फ अपनी बेटी का नहीं बल्कि सभी बेटियों का सम्मान करना चाहिए


बेटियॉ अपनी मॉ की परछाईं होती है और बाप का ग़ुरूर


आपकी आभारी विमला विल्सन मेहता

जय सच्चिदानंद 🙏🙏

all picture taken from google

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