अच्छी गृहिणी # जिंदगी की किताब (पन्ना # 401)

यदि ऐसा है तो माफ कीजिये मै अच्छी गृहिणी नही हूँ ……

आज बच्चो के स्कूल व पति का ऑफिस बंद था । इस कारण सुबह का अलार्म बंद कर दिया ताकि आराम से उठ सकूँ । सात बजते ही मॉ का फोन आ गया , मेरी नींद भरी आवाज सुनकर बोली कि अरे अभी तक तुम सो रही हो ?

मैने कहा मॉ आज सबकी छुट्टी है ना इसलिये ।

अरे छुट्टी हुई तो क्या हुऑ ,देर तक सोना क्या अच्छी गृहिणी के लक्षण है ? देख अभी …..

डॉट व ढेर सारी हिदायतें सुनकर कर नींद ही गुल हो गई । उठकर ब्रश किया । बाद मे रसोई मे जाकर सबके लिये दूध गर्म किया व खुद के लिये चाय बनाई । चाय पीने के बाद सारे घर का झाड़ू लगाया व कचरा बाहर रखने गई तो पड़ोसन बोली तबियत तो ठीक है ना ? मैने कहा ठीक है पर आपको ऐसा क्यो लग रहा है ? वह बोली कि आज कचरा देरी से फैंकने आई हो ना बस इसीलिये पूछ लिया । मैने कहा चाय पीने मे देरी होने से झाड़ू लगाने मे भी देरी हो गई ….

वह बोली देखो बेटी सबसे पहले झाड़ू लगा कर रसोई मे काम शुरू करना चाहिये । तभी घर मे लक्ष्मीजी का वास होता है ,बरकत होती हैं यही अच्छी गृहिणी के लक्षण है ।

फिर अंदर जाकर नाश्ते की तैयारी मे लग गई । बीच मे ननद , भाभी , बहन का भी फ़ोन आ गया , बातचीत होने के कारण नहाने का भी समय नही मिला । नहाने के लिये जाने वाली ही थी कि सासूँ मॉ का विडियो कॉल आ गया । क्योकि सबका चेहरा देखकर बात करने का मौक़ा छुट्टी के दिन ही मिलता है ।

फ़ोन उठाकर सासूमॉ को प्रणाम किया पर आर्शीवाद देने की बजाय वह मुझे देखते ही गुस्सा करते हुये बोली कि अरे बहू तुम बिना नहाये अभी तक गाउन मे ही घूम रही हो ।

मैने कहा ,मॉ मै उठ तो कभी की गई थी पर फ़ोन आने से व नाश्ता तैयार करने के कारण नहाने का समय ही नही मिला और जैसे ही नहाने जा रही थी कि आपका कॉल आ गया ।

अरे बहू तुम्हारी अक़्ल को क्या हुऑ ,बिना नहाये व पूजा किये बग़ैर ही रसोई के काम मे लग गई । अच्छी गृहिणी के ये लक्षण नही होते है ।ख़ैर छोड़ो तुम्हारे साथ सिर खपाने से कोई मतलब नही , आजकल की लडकियॉ किसी की सुनती कहॉ है …

सासूमॉ से बात करके थोडी देर के लिये बालकनी मे जाकर बैठ गई व पक्षियों की मधुर आवाज व उगते सूरज को देखते हुये विचारों मे खो गई व सोचने लगी कि क्या सचमुच मै अच्छी गृहिणी नहीं हूं।रोज़मर्रा के टाईम टेबल के अनुसार काम नहीं होने से स्री क्या अच्छी गृहिणी नही होती ?

इतना छोटा मापदंड है एक स्री की कुशलता को मापने का।

बच्चो को संभालने के साथ अनेकों काम करते हुये इतनी भागदौड़ व व्यस्त जिन्दगी मे टाईम टेबल के साथ हर कार्य करना बड़ा मुश्किल होता है ,

इसलिए मैने कोई समय नहीं बांधा ,जब भी फ्री होती हूँ पूजा पाठ कर लेती हूं ।

पति व बच्चो को इग्नोर करके , चिढ़कर ,कंटाल कर कोई काम नहीं करती ।

मेरे लिए झाडू लगाने से ज्यादा परिवार के लिये नाश्ता बनाना ज्यादा जरूरी है ।

पति व बच्चों व परिवार के अन्य सदस्य की देखभाल करना ज्यादा जरूरी है ,

सबके साथ बातचीत ,हँसी मजाक करते हुये समय व्यतीत करना ज्यादा ज़रूरी है ।

मेरे शब्दकोश मे अच्छी गृहिणी का अर्थ अपने परिवार की अच्छे से देखभाल व उनके साथ ममता व प्रेमपूर्वक व्यवहार करते हुये हँसी खुशी से जीवन यापन करना है ।

सोचते सोचते मन खराब हो गया था लेकिन दिन खराब नहीं करना था इसलिये झटपट उठकर सबको दूध कॉर्नफ्लेक्स व चाय ,ज्यूस दिया व नाश्ता परोसा । साथ मे ताज़ा फल काटकर रख दिये । नाश्ता सबने बहुत मज़े से किया । नाश्ते से सभी सन्तुष्ट व खुश लग रहे थे । उनकी खुशी देखकर मैं भी बहुत खुश थी।

क्या हुऑ यदि मै आज देर तक सोई,देरी से सफाई की , बग़ैर नहाये व पूजा पाठ किये नाश्ता व खाना बनाया ,

क्या हुऑ अगर पूजा में देर हो गई ,

क्या हुऑ अगर बिखरे सामान को समेटने मे देरी हो गई ।

क्या हुऑ अगर सिंक में पड़े बर्तन को शाम तक साफ किया ।

जब मेरे बच्चे ,पति और मैं सभी खुश है तो इस इस बात का कोई अर्थ नही रह जाता है कि मैं एक अच्छी गृहिणी हूँ या नहीं ।

सिर्फ समय से उठना, टाइम टेबल से मशीनवत सारे दिन काम करना ,क्या यही मापदंड है एक स्री की कुशलता को आँकने का …

यदि यही है तो माफ़ कीजिए मैं अच्छी गृहिणी नहीं हूँ।


आपकी आभारी विमला विल्सन मेहता

जय सच्चिदानंद 🙏🙏

picture taken from google

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