Quote # सुविचार

समाज बारह लोगों का बना है चार सच्चे चार कच्चे और चार लुच्चे हमें सबको स्वीकार करके आगे बढ़ते रहना है कटु सत्य ठंडी रोटी अक्सर उनके नसीब में होती है जो अपनों के लिए कमाई करके देरी से घर लोटते हैं पता नहीं क्यों लोग रिश्ता छोड़ देते हैं मगर ज़िद नहीं छोड़ते क्यों…

सुविचार #

आपकी आभारीविमला विल्सन मेहता जय सच्चिदानंद 🙏🙏

रिश्ते # वक्त # Quotes #

जुड़ना सरल है पर जुड़े रहना कठिन वक्त रूबरू करवाता है कभी खुद से कभी सब से आपकी आभारी विमला विल्सन मेहता जय सच्चिदानंद 🙏🙏