टिप्स # जूतों,चप्पलों,सैंडिल .. का रख-रखाव # जिंदगी की किताब (पन्ना # 399)

जूते चप्पलों का रख-रखाव कैसे करे ?

रबर, चमड़े , कैनवास , फैब्रिक, पीवीसी आदि विभिन्न प्रकार के जूतों का रख-रखाव अलग अलग प्रकार से होता है ।

🔹 चमड़े के जूतों पर से पहले धूल साफ कर ले । बाद मे सूती कपड़े पर लेदर क्लीनर डालकर जूते साफ करे । थोडी देर वैसे ही रखे । बाद मे पॉलिश करे , जिससे जूते कड़क नही होगे ,मुलायम और चमकदार रहेंगे ।

यदि चमड़े के जूते पर पॉलिश नही चढ़ती है तो उस पर कच्चा आलू रगड़कर सूखने दे ,फिर पॉलिश करे , जूता चमक उठेगा ।

🔹 कैनवास व फैब्रिक के जूतों को वॉशिंग मशीन मे भी धो सकते है ।जूतों को धोने के लिये सबसे पहले लेस और सोल निकाल दे । बाद मे जूतो को तकिये के खोल में रख दें फिर इन्हें वाशिंग मशीन में 40 से 50 डिग्री फ़ारेनहाइट पर धो दें। धोने व सूखने के बाद उनमें कागज के गोले डालकर रखे , ताकि उनका shape ज्यों का त्यों बना रहे ।

जिन जूतों को धोया नहीं जा सकता उन्हें रुई के गोले या सूती कपड़े को rubbing alcohol में डूबा कर पोंछें। इससे पैदा हुई बदबू को सूखने में मदद मिलेगी और आप फिर से अपने जूतों को पहन सकेंगे ।

🔹 पार्टी या कोई भी समारोह मे fancy जूते , चप्पल या सैंडिल इस्तेमाल किये जाते है । उसका रख-रखाव करने के लिये इस्तेमाल करने के बाद चप्पल या सैंडिल को साफ करके (पॉलिश वाले हो तो पॉलिश करे ) टिशु पेपर मे लपेटकर रखे ताकि उसकी चमक बनी रहे । यदि दाग धब्बा लग गया हे तो पेट्रोल से छुड़ाये ।

🔹 हर मौसम के लिये अलग जूते इस्तेमाल करे

बारिश के मौसम मे लैदर शूज और सैंडिल ना पहनें, इसकी जगह रबर व प्लास्टिक की स्टाइलिश चप्पलें, सैंडिल या जूतों का इस्तेमाल करे । इसके अलावा इस मौसम मे खुले वाले या जाली वाले पर पीछे की और पट्टी से बंद होने वाले जूते , सैंडिल पहने ताकि वह फिसलने या पानी जमा होने की गुंजाईश नही रहे व कपड़ों पर कीचड़ ना उछले ।

🔹 सफर मे व सर्दी मे बंद जूते पहने जिससे पैरों की सुरक्षा हो

🔹 जूते चप्पलों को कभी भी धूप मे नही सुखाये । उससे उनका रंग व चमक फीकी हो जाती है ।

🔹 जूते ,चप्पल या सैंडिल कड़क होने पर उस पर वैसलीन लगा दे , फिर से नरम हो जायेंगे

🔹 यदि आपके जूतों के इन्सोल नम या टूटे हुए हैं तो या तो इन्हें बाहर निकाल कर सुखा दें या नए इन्सोल खरीद लें जो खासतौर पर बैक्टीरियल ग्रोथ को रोकने के लिए बना होता है।

🔹 जूतों को जीवणुरोधक व दुर्गन्धनाशक रखने व साथ मे अच्छी खुशबू के लिये अपने जूतों के सोल में लैवेंडर आयल की कुछ बूंदें डालें ,हर एक जूते पर इसकी दो दो बूंदें काफी होंगी।

दुकान से भी दुर्गन्धनाशक खरीद कर इस्तेमाल कर सकते है क्योकि इनमे ज्यादातर ऐसे एंजाइम होते हैं जो दुर्गन्ध पैदा करने वाले बैक्टीरिया का नाश करते हैं।

🔹 चप्पल का सोल घिस गया हो तो नया लगवा ले । घिसे सोल वाले जूतों से पैर को support नही मिलता है व पैरों मे दर्द होने लगता है

🔹 कोशिश करे कि हर बार अलग अलग डिजाइन के जूते खरीदे ताकि हर बार पांव के अलग अलग हिस्सो पर दवाब आये । एक तरह की डिजाइन से एक ही हिस्से पर सतत दवाब बना रहता है

🔹 सफर मे व सर्दी मे बंद जूते पहने जिससे पैरों की सुरक्षा हो

🔹 जब बहुत चलना हो तो महिलायें ऊँची हील वाले सैंडिल , चप्पल ना पहने । पहनने पर कमर दर्द हो सकता है । सपाट व सुविधाजनक जूतों के इस्तेमाल से चलने मे आसानी होती है ।

🔹 जिन जूतों , चप्पलों का इस्तेमाल नही हो रहा है उसमे रद्दी अखबार या कागज भरकर अख़बार मे लपेटकर रख दै ।

🔹 यदि जूतो की पॉलिश सूख जाती है तो उसमे सिरके की दो चार बूँदे डाल दे , पॉलिश दुबारा नरम हो जायेगी

🔹 नये चप्पल जूते होने पर यदि काटते है तो उसमे मोम रगड दे या सरसों का तेल लगा ले ।

🔹 चप्पल या सैंडिल टूट जाने पर तुरंत मरम्मत करवा ले अन्यथा इनका आकार बिगड़ सकता है

🔹 हर रोज के उपाय के लिए एक जोड़ी मोज़े के अंदर बेकिंग सोड़ा भर कर तथा गाँठ बांधकर हमेशा रखें। हर शाम अपने जूतों में इस मिश्रण को रात भर के लिए रखें जिससे दुर्गन्ध से छुटकारा मिले।

जूते,चप्पलों या सैंडिल को स्टाइल या फैशन के साथ हैल्थ का भी ध्यान रखकर चयन करना चाहिये । अपने पैरों की संरचना के अनुरूप चुनाव करना चाहिये ।सही माप के आरामदायक footwear पहनने से न सिर्फ हमारे शरीर का संतुलन ठीक रहेगा बल्कि थकान भी महसूस नहीं होगी। गलत footwear पहनने से पैरों की बनावट में बदलाव, चाल खराब होना, फंगल इन्फेक्शन, कमर दर्द, घुटने में दर्द, पिंडलियों में दर्द आदि हो सकते है ।


आपकी आभारी विमला विल्सन मेहता

जय सच्चिदानंद 🙏🙏

picture taken from google

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