क्यूँ ठीक बोला ना ? # जिंदगी की किताब (पन्ना # 397)

क्यूँ ठीक बोला ना ? …. पैसा देकर कैद होने का स्थान …….सिनेमा बिना पैसे का होस्टल …….कैदखाना बहू के पीछे छोडा गया बिना पैसे का जासूस ….सास वजन कम करने की सबसे सस्ती दवा…….चिन्ता बिना वेतन का चौकीदार …..ताला गॉव की अलार्म घडी …….मुर्गा जादूई आँख …..चश्मा बिना पैसे की फिल्म ….ड्रीम (सपने) रोगियों…