Quote #

कभी भी इस बात की गिनती ना करना कि कितने शास्त्र पढ़े , कितने तीर्थ गये , कितने मंदिर गये बल्कि ये सोचना कि तीर्थों की यात्रा मे कितने गहरे उतरे , अपने भीतर बैठे परमात्मा को कितना पहचाना । जीवन मे कितनी प्रसन्नता आई ।


आपकी आभारी विमला विल्सन

जय सच्चिदानंद 🙏🙏

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