Quote # 388

शब्द भी एक तरह का भोजन है

किस समय कौनसा शब्द परोसना है वो आ जाये तो उससे बढ़िया कोई रसोइयाँ नही

शब्द का भी अपना एक स्वाद है,

बोलने से पहले स्वयं चख लीजिये

अगर खुद को अच्छा लगे तो दूसरो को दीजिये


आपकी आभारी विमला विल्सन

जय सच्चिदानंद 🙏🙏

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