Quote # 388

शब्द भी एक तरह का भोजन है किस समय कौनसा शब्द परोसना है वो आ जाये तो उससे बढ़िया कोई रसोइयाँ नही शब्द का भी अपना एक स्वाद है, बोलने से पहले स्वयं चख लीजिये अगर खुद को अच्छा लगे तो दूसरो को दीजिये आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏 Advertisements

राखी का त्यौहार # भाई बहन का प्यार # जिंदगी की किताब (पन्ना # 381)

राखी धागों का त्यौहार बँधा हुआ इक–इक धागे में भाई–बहन का प्यार राखी धागों का… कितना कोमल कितना सुन्दर भाई–बहन का नाता इस नाते को याद दिलाने ये त्यौहार है आता बहन के मन की आशाएँ राखी के ये तार राखी धागों का… बहन कहे मेरे वीर तुझे ना बुरी नजरिया लागे मेरे राजा भैय्या…