रक्षाबंधन # कविता# जिंदगी की किताब (पन्ना # 380)

आ रहा है रक्षाबंधन का त्योहार रिश्तों में मिठास घोलने टूटे रिश्तों को जोड़ने !! भाई बहन का रिश्ता है मछली और सरोवर जैसा है जब तक जियेंगे साथ रहेंगे !! त्योहार नही है सिर्फ महज धागों को बॉधने का त्योहार है जुड़ने और जोड़ने का !! अगर आ गई है रिश्तो मे दरार हो…