Quote # 272

मेरी भावना …. अहंकार का भाव न रक्खूँ ,नही किसी पर क्रोध करूँ देख दूसरो की बढ़ती को , कभी न ईर्ष्या भाव धरूँ रहे भावना ऐसी मेरी , सरल सत्य व्यवहार करूँ बने जहॉ तक इस जीवन मे,औरों का उपकार करूँ आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏 Advertisements