Quote # 267

बोलती है तो लगती दादी मॉ

डांटती है जैसे मेरी हो मॉ

कभी रूठना ,कभी मनाना

कभी आंसू बहाना तो कभी मंद मंद मुस्कुराना

लेकिन दिल की है बड़ी नेक

सच कहूँ तो मेरी दीदी है लाखों में एक


आपकी आभारी विमला विल्सन

जय सच्चिदानंद 🙏🙏

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