पूत के पाव पालने मे # जिंदगी की किताब (पन्ना # 375)

प्रेरक प्रसंग ……

कहते है ना पूत के पाव पालने मे नजर आते है । ऐसा ही एक प्रसंग है …..

एक व्यक्ति के तीन बच्चे जो अलग अलग प्रवृति के थे ,उनके भविष्य को लेकर वह काफी चिंतित था । उसे समझ नही आ रहा था कि उन्हें किस दिशा मे बढ़ने के लिये प्रोत्साहित करे ।

उसी शहर मे एक नामी भविष्यवक्ता रहता था जिसकी भविष्यवाणी सही निकलती थी । एक दिन वह व्यक्ति अपने तीनों बच्चो को लेकर भविष्यवक्ता के पास गया और उनका भविष्य पूछने लगा । उसने तीनों को प्यार से बैठाया । बाद मे तीनों को एक एक संतरा खाने को दिया ।

बडे बच्चे ने संतरा खाकर उसका छिलका बाहर रोड पर फैंक दिया । मँझले बच्चे ने छिलका जानवर को खिला दिया । छोटे बच्चे ने छिलका कचरा पेटी मे डाल दिया ।

भविष्यवक्ता ने तीनो का व्यवहार देखकर उनका भविष्य बताया और बोला कि पहला बेटा थोडा लापरवाह होगा । दूसरा बच्चा परोपकारी निकलेगा जिससे स्वयं का व दूसरो का भला होगा ।तीसरा बेटा समझदार निकलेगा । मेरी राय यही है कि आप इन तीनो बच्चो की प्रवृति के अनुसार ही कार्यक्षैत्र का चुनाव करना ।

इस कहानी का आशय इतना ही है कि आप अपने बच्चो के कैरियर का चुनाव उनकी स्वाभाविक प्रवृति को ध्यान मे रखते हुये करेंगे तो सफलता प्राप्त करने के साथ उनको कार्य करने मे भी आनंद आयेगा ।

यदि बच्चा गलत दिशा मे जाने के कारण कैरियर के प्रति सजग नही हो रहा हो तो मारपीट या ताने मारने की बजाय उसको प्यार से समझाकर उसकी अच्छी बातों की प्रशंसा करके धीरे धीरे बदलाव लाकर सही दिशा मे मोड़ा जा सकता है ।


आपकी आभारी विमला विल्सन

जय सच्चिदानंद 🙏🙏

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