Quote # 261

आदतों की ग़ुलामी कभी भी मर्ज़ बन सकती है

मर्ज़ की आदत होने पर कभी भी अर्ज़ नही कर पाओगे

अगर बदलने की गुंजाइश ने साथ दिया तो ठीक है वरना बहुत दुखी होकर बहुत पछताओगे


आपकी आभारी विमला विल्सन

जय सच्चिदानंद 🙏🙏

picture taken from google

Advertisements