सगाई के समय अनामिका उंगली में ही अंगूठी क्यो पहनाते हैं ?# जिंदगी की किताब (पन्ना # 374)

सगाई के समय लड़की व लड़का दोनों एक दूसरे को अनामिका उंगली में ही अंगूठी क्यो पहनाते हैं ?

इस सुंदर प्रयोग को आप भी करके देखिये

बुद्धिजीवियों के अनुसार हमारे हाथ की दसों उंगलियां एक परिवार के सदस्यों का प्रतीक है ।

हाथ के अंगूठे हमारे माता पिता का प्रतीक है ।

अंगूठे के पास वाली उँगली (तर्जनी) हमारे भाई बहन की प्रतीक ।

बीच की उँगली (मध्यमा) हम स्वयं है ।

चौथी उँगली (अनामिका ) हमारे जीवनसाथी का प्रतीक है ।

और अंतिम सबसे छोटी उंगली (कनिष्ठा )

हमारे बच्चे की प्रतीक है ।

सब उँगलियाँ मिलकर हो गया परिवार

अब देखते हैं कुटुंब के लोगों से हमारे संबंध किस तरह स्थापित किये हैं ।

सबसे पहले दोनों हाथ नमस्कार मुद्रा में जोड़ें ।

बीच की दोनों उंगली को अंदर की ओर मोड़कर हथेली से लगा लें ।

यदि हम दोनो अंगूठे को एक दूसरे से दूर करे वो दूर हो जाएंगे

कारण माता पिता का साथ हमें पूरी जिंदगी नही मिलता, कभी न कभी वो हमें छोड़ कर जाते हैं ।

अब अंगूठे छोड़ उसके पास वाली उंगली को खोलें

वो भी खुलेगी

कारण भाई बहन का अपना परिवार है , उनका खुद का अपना जीवन है ।

अब वो उंगलियां जोड़ हाथ की सबसे छोटी उंगली को आपस मे खोलें

वो भी खुलेंगी, कारण आपके बच्चे बड़े होने अपनी जिन्दगी की उड़ान भरने के लिये आपको छोड़कर जाने वाले हैं

अब छोटी उँगली को जोड़ अनामिका को आपस मे खोले तो आपको जानकर हैरत होगी कि वो दूर नही होती । कारण पति-पत्नी, जीवनभर एक साथ सुख और दुःख में साथ निभाने वाले जीवनसाथी होते है ।

पति पत्नी का संग

अनामिका के बिना व्यर्थ


आपकी आभारी विमला विल्सन

जय सच्चिदानंद 🙏🙏

picture taken from google

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